हाईकोर्ट में लगाएंगे जमानत याचिका
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। शहर के भुवाणा स्थित एक बेशकीमती भूखंड मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे निलंबित डीएसपी जितेन्द्र आंचलिया की आज जमानत याचिका खारिज कर दी गयी। एसीबी कोर्ट के न्यायाधीश मधुसूदन मिश्र ने जमानत याचिका पर सुनवाई की और आज बुधवार को जमानत याचिका खारिज कर दी। जमानत याचिका खारिज करते हुए आदेश में न्यायाधीश में लिखा कि आरोपी आंचलिया के पुलिस अधिकारी होने से गवाह प्रभावित हो सकते हैं, दोनों पक्षों को सुनने के बाद सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए जमानत याचिका खारिज की जाती है।
आंचलिया से पहले सब इंस्पेक्टर रोशनलाल सहित गिरफ्तार हो चुके अन्य आरोपियों की जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है। एसीबी कोर्ट में जितेन्द्र आंचलिया व अन्य आरोपियों की ओर से उनकी जमानत याचिका पर वकील रत्नेश व्यास और रामकृपा शर्मा पैरवी कर रहे हैं।

अंकित मेवाड़ा की तलाश जारी, लवलीना से भी होनी है पूछताछ
जानकारी के अनुसार उदयपुर में एसीबी कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब सभी आरोपी हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाएंगे। इधर मामले की तफ्तीश कर रही एसीबी फरार चल रहे आरोपी दलाल अंकित मेवाड़ा की तलाश कर रही है और मामले की केन्द्र बिंदु लवलीना पूर्बिया से भी पूछताछ होनी बाकि है।
गौरतलब है कि एसीबी जयपुर की टीम ने भुवाणा स्थित एक बेशकीमती भूखंड के मालिक नीरज पूर्बिया की शिकायत पर मामले की जांच शुरू की थी, इसमें एसीबी ने पाया था कि डीएसपी जितेन्द्र आंचलिया, सुखेर थाने के तत्कालीन एसआई रोशनलाल ने दलाल रमेश राठौड़, मनोज श्रीमाली और अंकित मेवाड़ा और परिवादी के भाई की पत्नी लवलीना पूर्बिया के साथ मिलीभगत कर भूखंड मालिक नीरज पूर्बिया को डरा-धमकाकर जमीन की रजिस्ट्री के नाम से 1 करोड़ 83 लाख रूपए वसूले थे। इस मामले में एसीबी ने दिसंबर 2022 को एफआईआर दर्ज कर जांच आगे बढ़ाते हुए 10 फरवरी 2023 को डीएसपी जितेन्द्र आंचलिया, एसआई रोशन लाल, दलाल मनोज श्रीमाली और रमेश राठौड़ को गिरफ्तार कर लिया था।
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