भुवाणा स्थित बेशकीमती जमीन का मामला
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। शहर के भुवाणा स्थित बेशकीमती जमीन का मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे डीएसपी जितेन्द्र आंचलिया को शुक्रवार शाम को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है (acb arrest dsp jitendra anchaliya)। डीएसपी जितेन्द्र आंचलिया को गिरफ्तार करने के साथ ही एसीबी की टीम सुखेर के तत्कालीन एसआई रोशनलाल, जमीन मामले को-ऑर्डिनेट करने वाले प्राइवेट परसन रमेश राठौड, मनोज श्रीमाली़ को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मामले में अंकित मेवाड़ा नाम के व्यक्ति से भी पूछताछ की जानी है, जिसकी एसीबी तलाश कर रही है।
एसीबी एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि ने बताया कि परिवादी ने एसीबी में शिकायत दी गयी थी कि पुलिस उप अधीक्षक (डीएसपी) जितेन्द्र आंचलिया द्वारा जमीन विवाद में उपनिरीक्षक (एसआई) रोशनलाल और अन्य आरोपियों के माध्यम से अपने पद का दुरूपयोग करते हुए स्वयं व अन्य के लिए अनुचित लाभ प्राप्त किया जा रहा है। शिकायत पर मामले की जांच एसीबी एसयू के एडिएसपी पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ ने शुरू की।
अनुसंधान अधिकारी के नेतृत्व में टीमों ने कार्यवाही करके मामले में आरोपियों को दस्तयाब कर पूछताछ की। अनुसंधान कर डीएसपी जितेन्द्र आंचलिया को रिश्वत मांग प्रकरण में आज गिरफ्तार किया गया है। जबकि एसआई रोशनलाल, प्राईवेट परसन रमेश राठौड़ और मनोज श्रीमाली से पूछताछ जारी है।
परिवादी से उसकी खुद की जमीन जबरन खरीदवायी, 1 करोड़ रूपए से अधिक वसूले
परिवादी नीरज पूर्बिया ने एसीबी को दी शिकायत में बताया कि वह कुवेत में रहता है और एनआरआई है। वह कुवेत से उसके भाई नीलेश पूर्बिया को रूपए भेजता था। जिस राशि से नीलेश ने 2007 में भुवाणा में 32000 स्क्वॉयर फीट भूखंड खरीदा था। नीलेश का 2008 में लवलीना से विवाह हुआ था। 2012 में नीलेश ने 32000 स्क्वॉयर फीट में से 5800 स्क्वॉयर फीट हिस्सा लवलीना को गिफ्ट डीड कर दिया। परिवादी ने बताया कि 2019 में उसके भाई नीलेश की मृत्यु हो गयी। भाई की मौत के बाद से ही उसकी पत्नी लवलीना उस भूखंड को बेचने का उस पर दबाव बनाने लगी।
ऐसे शुरू हुआ भूमि विवाद में पुलिस का भ्रष्टाचार
- फरवरी 2022 में लवलीना ने परिवादी नीरज को कुबैत से इंडिया आकर भूखंड बेचान की प्रक्रिया के लिए कहा।
- 14 फरवरी को परिवादी भारत आया, लवलीना से बात की। लवलीना के काफी दबाव डालने पर उक्त भूखंड बेचान के लिए तैयार हो गया।
- 17 फरवरी 2022 रात को परिवादी के पास उसके ऑफिस से फोन आया कि पुलिस वाले आए हैं, परिवादी ऑफिस पहुंचा तो वहां लवलीना, कुछ पुलिसकर्मी और प्राइवेट लोग थे। पुलिस वालों ने पूरी प्रोपर्टी खाली करने के लिए धमकाया और प्रोपर्टी के दस्तावेज मांगे। तब परिवादी ने सुबह थाने आने को कहा।
- 18 फरवरी को परिवादी के पहुंचने से पहले ही एसआई रोशनलाल परिवादी के अकाउंटेंट को जबरन थाने ले गया। इसके बाद रोशनलाल परिवादी से मिला और उसके ऑफिस की चाबियां लेकर कहा कि डीएसपी जितेन्द्र आंचलिया से मिल लो।
यहां से शुरू हुई मामले में डीएसपी जितेन्द्र आंचलिया की भूमिका
- जब जितेन्द्र आंचलिया से मिला तो उन्होंने कहा कि अजमानती धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई है। आप सुखेर थाने पहुंचो, मैं वहीं आता हूं। इसके बाद परिवादी सुखेर थाने पहुंचा। वहां कुछ देर में डीएसपी जितेन्द्र आंचलिया आ गए।
- थाने में जितेन्द्र आंचलिया ने परिवादी को धमाकया और पासपोर्ट जब्त कर गिरफ्तार करने की धमकी दी, यह भी कहा कि बात नहीं मानी तो बीबी-बच्चों को देखने के लिए भी तरस जाओगे। इसके बाद थाने में जबरन एक समझौता लिखा और उस पर मुझसे साइन करवाए। इस समझौते के अनुसार मुझे लवलीना को रूपए देकर वह जमीन उससे खरीदनी थी, जो वास्तविकता में मेरी ही थी।
- समझौते के बाद आगे की कार्यवाही के लिए जितेन्द्र आंचलिया ने अंकित मेवाड़ा से मिलने को कहा। अंकित मेवाड़ा के साथ ही रमेश राठौ़ड़ से मिला।
- अंकित मेवाड़ा, रमेश राठौड़ ने एक एग्रीमेंट दिखाया, जो जितेन्द्र आंचलिया ने लिखा था। जितेन्द्र आंचलिया, लवलीना, अंकित मेवाड़ा और रमेश राठौड़ ने जबरन डराधमका कर उक्त भूंखड को जबरन मुझसे खरीदवाया, जबकि वह भूखंड मेरा ही था। उस भूखंड के एग्रीमेंट के समय मुझसे अंकित मेवाड़ा ने 71 लाख रूपए वसूले और रजिस्ट्री के समय मैंने जितेन्द्र आंचलिया के कहेअनुसार 71 लाख रूपए चेक और 42 लाख रूपए कैश अंकित मेवाड़ा और लवलीना को दिए।
एफआर लगाने के नाम पर भी एसआई रोशनलाल ने मांगे 2 लाख रूपए
- परिवादी ने बताया कि उस वक्त तय हुआ कि मेरे खिलाफ लवलीना ने जो एफआईआर दर्ज करवाई है, उसमें एफआर लगा दी जाएगी। इस एफआर लगाने के नाम पर भी एसआई रोशनलाल ने मुझसे 2 लाख रूपए रिश्वत मांगी।
- परिवादी ने बताया कि इतना कुछ होने के बावजूद लवलीना ने कोर्ट में पेश की एफआर को चैलेंज कर दिया, इससे एफआर कोर्ट ने स्वीकार नहीं की।
- इस मामले में परिवादी की डीएसपी जितेन्द्र आंचलिया से गोल्डन ट्यूलिप में मुलाकात हुई। तब तक वह एसीबी को शिकायत कर चुका था। जितेन्द्र आंचलिया से हुई मुलाकात की सारी रिकॉर्डिंग उसने एसीबी को सुपुर्द की।
खबर में दी गयी डिटेल एसीबी में दर्ज हुई एफआईआर से लिए अंश है।

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