लकी जैन,उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। भुवाणा स्थित एक बेशकीमती भूखंड के विवाद में भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे डीएसपी जितेन्द्र आंचलिया (dsp jitendra anchaliya) सहित चार लोगों की गिरफ्तारी के बाद आज शनिवार सुबह एसीबी टीम ने चारों को कोर्ट में पेश किया। अग्रिम पूछताछ के लिए एसीबी टीम ने रिमांड मांगी, जिस पर न्यायाधीश ने निलंबित डीएसपी जितेन्द्र आंचलिया, एसआई रोशनलाल, भू दलाल रमेश राठौड़ और मनोज श्रीमाली को सोमवार तक रिमांड पर भेज दिया है।
अब एसीबी टीम चारों से पूछताछ कर दस्तावेजी कार्यवाही पूरी करने में जुटी हुई है। पूरी कार्यवाही एसीबी एडिएसपी पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में की जा रही है। बताया जा रहा है कि डीएसपी जितेन्द्र आंचलिया की गिरफ्तारी करने में एसीबी के पास मौजूद दो साक्ष्य वीडियो-ऑडियो रिकॉर्डिंग और हस्तलिखित एग्रीमेंट काफी अहम साबित हुए हैं।

- पहला साक्ष्य : एसीबी के पास मौजूद वह वीडियो जिसमें जितेन्द्र आंचलिया परिवादी नीरज पूर्बिया से मिल रहे होते हैं और इस वीडियो में रूपयों का लेन-देन भी साफ दिखाई दे रहा है। एसीबी ने यह केस दिसंबर 2022 में दर्ज कर लिया था, लेकिन एक महीने तक एसीबी ने साक्ष्यों में मौजूद सभी वीडियो-ऑडियो की एफएसएल जांच करवाई और इसके बाद गिरफ्तारी की है।
- दूसरा साक्ष्य : एसीबी के पास मौजूद दूसरा अहम साक्ष्य जमीन खरीद-बेचान से संबंधित हस्तलिखित एग्रीमेंट है, जिसका परिवादी ने एफआईआर में भी हवाला दिया है और लिखा है कि एग्रीमेंट करते समय उसने अंकित मेवाड़ा को 71 लाख रूपए दिए थे, खुद की जमीन को ही खुद खरीदा था। एफआईआर में बताया गया है कि यह एग्रीमेंट जितेन्द्र आंचलिया ने खुद लिखा था।
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सभी संपत्तियों का लेखा-जोखा निकाल रही एसीबी टीम
इधर एसीबी की टीमों ने डीएसपी जितेन्द्र आंचलिया सहित चारों आरोपियों के घरों सहित अन्य ठिकानों की भी तलाशी ली हैं और अहम साक्ष्य जुटाने के प्रयास कर रही है। एसीबी टीम जितेन्द्र आंचलिया सहित मामले के जुड़े सभी आरोपियों की समस्त संपत्ति का लेखा-जोखा पता कर रही है, ताकि आय से अधिक संपत्ति के मामले की भी संभावना देखी जा सके।



