मौसम विभाग ने की मानसून वापसी की घोषणा
उदयपुर, एआर लाइव न्यूज। राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई शुरू हो गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 19 सितंबर 2026 को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी की आधिकारिक घोषणा की है। मानसून की वापसी की सामान्य तारीख 17 सितंबर मानी जाती है, यानी इस साल पश्चिमी राजस्थान से मानसून सामान्य तिथि से करीब दो दिन बाद लौटना शुरू हुआ है। | Rajasthan monsoon withdrawal 2026 | latest news Rajasthan monsoon withdrawal 2026
मौसम विभाग के अनुसार, 19 सितंबर को दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा 27.0°N/68.0°E, रामगढ़, मोहनगढ़, फलोदी, खजूवाला और 29.5°N/71.5°E से होकर गुजर रही है। | Rajasthan monsoon withdrawal 2026 | Rajasthan Monsoon Withdrawal Begins: IMD Confirms
राजस्थान के अन्य हिस्सों से भी 3-4 दिन में लौट सकता है मानसून
मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3 से 4 दिनों के दौरान राजस्थान के कुछ और हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इसके अलावा पंजाब तथा सौराष्ट्र और कच्छ के कुछ हिस्सों से भी मानसून की वापसी की संभावना है।
इसका मतलब है कि राजस्थान में मानसून की सक्रियता अब धीरे-धीरे कम होने की दिशा में है और आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में कमी देखने को मिल सकती है। | latest update Rajasthan monsoon withdrawal 2026
राजस्थान में इस साल 2 जुलाई को पहुंचा था मानसून
इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून ने सामान्य तारीख से करीब तीन दिन देरी से 4 जून 2026 को केरल में दस्तक दी थी। इसके बाद मानसून के 20 जून के आसपास राजस्थान में प्रवेश करने की उम्मीद थी, लेकिन राजस्थान में मानसून का आगमन काफी देर से हुआ।
2 जुलाई 2026 को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने राजस्थान में प्रवेश किया। इसके बाद प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश के कई दौर आए, लेकिन कई क्षेत्रों में मानसून की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहीं।
उदयपुर संभाग में भी मानसून का असर कमजोर
इस मानसून सीजन में उदयपुर संभाग सहित दक्षिणी राजस्थान के कई इलाकों में बारिश का वितरण असमान रहा। कुछ स्थानों पर भारी और अति भारी बारिश के दौर जरूर आए, लेकिन कई क्षेत्रों में पर्याप्त कैचमेंट बारिश नहीं होने से जलाशयों में अपेक्षित पानी नहीं पहुंच सका।
उदयपुर जिले में इसका असर विशेष रूप से प्रमुख जलस्रोतों पर देखने को मिला। पिछोला और फतहसागर जैसे प्रमुख जलाशयों में पर्याप्त आवक नहीं होने से चिंता बनी रही।

कई झीलों और बांधों में पर्याप्त पानी नहीं
कमजोर और असमान मानसूनी बारिश का असर राजस्थान के जल संसाधनों पर भी पड़ा है। उदयपुर की पिछोला और फतहसागर झील सहित कई झीलें, तालाब और बांध अभी भी अपेक्षित स्तर तक नहीं भर पाए हैं।
इसका असर आने वाले समय में पेयजल और सिंचाई व्यवस्था पर पड़ सकता है। जलाशयों में पर्याप्त पानी नहीं होने की स्थिति में कुछ क्षेत्रों में पेयजल वितरण व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है, वहीं किसानों को सिंचाई के लिए जरूरत के अनुसार पानी उपलब्ध कराने में भी चुनौती आ सकती है।
क्या अब राजस्थान में बारिश पूरी तरह बंद हो जाएगी?
नहीं। मानसून की वापसी शुरू होने का मतलब यह नहीं है कि राजस्थान में तुरंत बारिश पूरी तरह बंद हो जाएगी। मानसून वापसी की प्रक्रिया चरणबद्ध होती है। अगले कुछ दिनों में राजस्थान के अन्य हिस्सों से भी मानसून लौटने की संभावना है, जबकि स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से कुछ क्षेत्रों में बारिश जारी रह सकती है।
मुख्य तथ्य
- मानसून की वापसी शुरू: 19 सितंबर 2026
- वापसी की शुरुआत: पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से
- पश्चिमी राजस्थान से सामान्य वापसी की तारीख: 17 सितंबर
- राजस्थान में मानसून का प्रवेश कब हुआ: 2 जुलाई 2026
- केरल में मानसून का आगमन कब हुआ : 4 जून 2026
- अगले 3-4 दिन: राजस्थान के कुछ और हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल
- प्रमुख प्रभाव: मानसून की सक्रियता में धीरे-धीरे कमी और जलाशयों में पानी की उपलब्धता पर असर
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