गोगा गैंग पर पुलिस का शिकंजा : गिरफ्तारी से बचने के लिए राजस्थान से दिल्ली, हरियाणा और यूपी तक बदलते रहे ठिकाने,मथुरा से दबोचे गए मुख्य आरोपी
उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। उदयपुर शहर के सवीना थाना क्षेत्र में हुई सनसनीखेज फायरिंग की वारदात में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कथित तौर पर गोगा गैंग से जुड़े दो मुख्य वांछित और 10-10 हजार रुपये के इनामी आरोपियों को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मथुरा से हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए राजस्थान सहित कई राज्यों में लगातार ठिकाने बदल रहे थे। | Udaipur Savina Firing Case
एसपी डॉ.अमृता दुहन ने बताया कि फायरिंग के मुख्य आरोपी बरकत कॉलोनी सवीना निवासी उस्मान गनी (21) पुत्र मोहम्मद इब्राहिम और मुर्शिद नगर सवीना निवासी मोहसीन गदनीया उर्फ काणा (23) पुत्र आरिफ मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया गया है।
29 अगस्त की रात आरोपियों ने विरोधी गुट के हिस्ट्रीशीटर फरदीन को मारने के लिए उस पर फायरिंग की थी, दो गोलियां फरदीन के लगी थीं, जिससे वह गंभीर घायल हुआ था।
गोगा गैंग के खिलाफ पुलिस का बड़ा ऑपरेशन
सवीना थानाधिकारी दलबीर सिंह ने बताया कि पुलिस जांच के दौरान मुखबिर तंत्र और तकनीकी सहायता के आधार पर इस वारदात से जुड़े मुज्जफर हुसैन उर्फ गोगा सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने जयेश गुर्जर, गोविंदलाल गुर्जर उर्फ सोनू तथा हथियार उपलब्ध कराने के आरोप में रोनक राव उर्फ रोनी को भी गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा था।
फायरिंग के मुख्य आरोपी उस्मान गनी और मोहसीन गदनीया उर्फ काणा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
अजमेर से दिल्ली तक बदलते रहे ठिकाने
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए अजमेर, भीलवाड़ा, जयपुर, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और गुजरात सहित विभिन्न स्थानों पर छिपते हुए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। पुलिस तकनीकी संसाधनों और मुखबीर तंत्र के जरिए लगातार इनका पीछा कर रही थी।
आखिरकार पुलिस टीम ने दोनों को मथुरा, उत्तर प्रदेश से हिरासत में लिया।
फरारी काटने में जिसने भी इन बदमाशों की मदद की, सभी बनेंगे आरोपी
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर फायरिंग में इस्तेमाल अवैध हथियारों और वाहन को बरामद करने का प्रयास कर रही है। साथ ही अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि इनामी आरोपियों को छिपाने, शरण देने या किसी अन्य तरीके से मदद करने वाले लोगों के खिलाफ भी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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