गीतांजलि मेडिकल यूनिवर्सिटी का अंगदान जागरूकता अभियान
उदयपुर। एआर लाइव न्यूज। समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को इस महादान से जोड़ने के उद्देश्य से गीतांजलि मेडिकल यूनिवर्सिटी ने उदयपुर के प्रसिद्ध फतहसागर पाल पर विशेष जन-जागरूकता अभियान आयोजित किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक, पथनाट्य और संवाद के माध्यम से लोगों को अंगदान के महत्व से अवगत कराया और जीवनदान का संदेश दिया। | Udaipur geetanjali medical university Organ Donation Awareness Campaign
अभियान में मॉर्निंग वॉक पर आए बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य अंगदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना, अंग प्रत्यारोपण की प्रक्रिया के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा लोगों को अंगदान की शपथ लेने के लिए प्रेरित करना था।
गीतांजलि डेंटल इंस्टीट्यूट एवं गीतांजलि कॉलेज ऑफ नर्सिंग के विद्यार्थियों ने प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर बताया कि एक अंगदाता कई लोगों को नया जीवन दे सकता है। वहीं गीतांजलि मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों ने पथनाट्य और संवाद के माध्यम से अंग प्रत्यारोपण के सामाजिक, नैतिक और मानवीय महत्व को सरल भाषा में समझाया। कार्यक्रम में मौजूद नागरिकों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना की और अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच व्यक्त की।
अभियान के समापन पर अंगदान जागरूकता संदेश लिखे गुब्बारे आकाश में छोड़कर जीवनदान का संदेश दिया गया। साथ ही नागरिकों से स्वयं अंगदान के लिए आगे आने और अपने परिवार एवं समाज में भी इसके प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की गई।
कार्यक्रम में डॉ. संगीता गुप्ता (डीन, जीएमसीएच), डॉ. हरप्रीत सिंह (मेडिकल सुपरिंटेंडेंट), डॉ. जितेंद्र हिरानी (डीएमएस), डॉ. करुणा शर्मा (नोडल अधिकारी, अंग प्रत्यारोपण) तथा राजेश मेहता (ऑर्गन ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर) विशेष रूप से उपस्थित रहे। गीतांजलि मेडिकल यूनिवर्सिटी से संबद्ध सभी संस्थानों के प्राचार्यों ने भी अंगदान को मानवता की सर्वोच्च सेवा बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से इस अभियान का हिस्सा बनने का आह्वान किया।
हाइलाइट्स
- फतहसागर पाल पर गीतांजलि मेडिकल यूनिवर्सिटी ने चलाया अंगदान जागरूकता अभियान।
- विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक और पथनाट्य के जरिए अंगदान का महत्व समझाया।
- अंगदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित करने पर दिया गया जोर।
- अंगदान संदेश लिखे गुब्बारे उड़ाकर नागरिकों को जीवनदान के महादान से जुड़ने का आह्वान।
- डीन, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, अंग प्रत्यारोपण विशेषज्ञों सहित विश्वविद्यालय के सभी संस्थानों के प्राचार्य रहे मौजूद।


