आधुनिक तकनीकों से जटिल सीबीडी स्टोन का बिना बड़ी सर्जरी इलाज
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। गीतांजलि हॉस्पिटल में आधुनिक गैस्ट्रोलॉजी एवं लैप्रोस्कोपिक तकनीकों की मदद से एक जटिल सीबीडी स्टोन का सफल उपचार किया गया। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने महज 3 वर्ष के बच्चे का बिना बड़ी सर्जरी के इलाज कर उसे मात्र 5 दिन में स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज कर दिया। udaipur geetanjali hospital Challenging ERCP and Laparoscopic Surgery Successful in 3-Year-Old Child | udaipur health news | udaipur live news | geetanjali hospital udaipur | GMCH Udaipur | health news
बच्चा पेट दर्द, पीलिया और बुखार की शिकायत के साथ पीडियाट्रिक्स ओपीडी में डॉ. सुभाष के पास उपचार के लिए पहुंचा था। प्रारंभिक जांच के बाद केस को गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. कार्तिकेय माथुर को रेफर किया गया। डॉ. कार्तिकेय माथुर ने एमआरआई जांच कराई, जिसमें सीबीडी (कॉमन बाइल डक्ट) में स्टोन पाया गया। इसके बाद ईआरसीपी प्रक्रिया के माध्यम से सफलतापूर्वक स्टोन को निकाला गया।
डॉ. माथुर ने बताया कि केवल 3 वर्ष के इतने छोटे बच्चे में ईआरसीपी करना बेहद चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि यह प्रक्रिया सामान्यतः एडल्ट उपकरणों से की जाती है। इतने छोटे बच्चे में इस तकनीक को सफलतापूर्वक करना किसी बड़ी जंग जीतने जैसा था। उन्होंने बताया कि समय पर ईआरसीपी करने से पित्त नली में आई रुकावट दूर हुई और आगे की सर्जरी अधिक सुरक्षित एवं आसान हो गई। इसके बाद पीडियाट्रिक सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. अजीत कुमार ने बच्चे की लैप्रोस्कोपिक तकनीक से सर्जरी कर गालब्लैडर को सफलतापूर्वक हटाया।
छोटे बच्चे में लैप्रोस्कोपिक गालब्लैडर सर्जरी सामान्य प्रक्रिया नहीं
डॉ. कार्तिकेय माथुर ने बताया कि इतने छोटे बच्चे में लैप्रोस्कोपिक गालब्लैडर सर्जरी सामान्य प्रक्रिया नहीं मानी जाती, लेकिन आधुनिक तकनीकों और विशेषज्ञ टीमवर्क की मदद से यह सुरक्षित तरीके से संभव हो पाया। उन्होंने बताया कि ईआरसीपी और लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी के संयुक्त उपयोग के कारण सीबीडी एक्सप्लोरेशन जैसी बड़ी सर्जरी की आवश्यकता नहीं पड़ी। इससे मरीज की रिकवरी तेज हुई, दर्द कम रहा तथा अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि भी काफी कम हो गई।
विशेषज्ञों के अनुसार आधुनिक मिनिमली इनवेसिव तकनीकों के कारण अब जटिल बाइल डक्ट एवं गालब्लैडर से जुड़ी समस्याओं का इलाज कम दर्द, कम जटिलता और तेजी से रिकवरी के साथ संभव हो रहा है।


