पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में हुई एक दिवसीय कार्यशाला
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की ओर से “भ्रूण की सोनोग्राफी और जन्मजात विसंगतियों की पहचान” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजित हुई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के माध्यम से गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य की सटीक निगरानी करना और समय रहते किसी भी संभावित जन्मदोष का पता लगाना था। | udaipur PMCH | pacific medical college and hospital | PMCH Udaipur | udaipur latest news | udaipur news
कार्यशाला की सबसे बड़ी विशेषता इसका व्यावहारिक दृष्टिकोण रहा। इसमें प्रदेश भर से आए 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। चिकित्सा विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को सैद्धांतिक जानकारी के साथ ही हैंड्स-ऑन और सिम्युलेशन तकनीक के माध्यम से भ्रूण की सोनोग्राफी करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। आधुनिक मशीनों पर डमी और सिम्युलेटर्स की मदद से डॉक्टरों को यह सिखाया गया कि कैसे सूक्ष्म विसंगतियों को बारीकी से पहचाना जा सकता है। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि आज के दौर में अल्ट्रासाउंड तकनीक इतनी उन्नत हो चुकी है कि हृदय, मस्तिष्क और अन्य अंगों की छोटी से छोटी कमी को भी पकड़ा जा सकता है। pacific medical college and hospital workshop on congenital defects of fetus
जन्मजात दोषों की समय से पहचान हो जाती है तो समय से उचित उपचार संभव
कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहीं डॉ. सुनीता माहेश्वरी ने कार्यशाला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा हमारा प्राथमिक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि जन्म से पहले ही भ्रूण में होने वाली किसी भी शारीरिक या संरचनात्मक खराबी का पता लगाया जा सके। यदि समय रहते जन्मजात दोषों की पहचान हो जाती है, तो उनके उपचार या प्रबंधन की योजना पहले से बनाई जा सकती है। जिससे शिशु के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार होता है और मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलती है।
| udaipur PMCH पीएमसीएच के चेयरमैन राहुल अग्रवाल ने कहा पेसिफिक मेडिकल कॉलेज न केवल मरीजों को उत्तम और रियायती स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए अग्रणी है, बल्कि आगामी पीढ़ी के चिकित्सकों को तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।


