डीएसपी ईस्ट की स्पेशल टीम के चारों पुलिसकर्मियों को लेकर पढ़िए खास रिपोर्ट
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। उदयपुर शहर के पुलिस उपाधीक्षक पूर्व (डीएसपी सिटी ईस्ट) सूर्यवीर सिंह की वृत स्पेशल टीम के चारों पुलिसकर्मियों पर कसा एसीबी शिकांजा न सिर्फ आमजनता बल्कि पूरे पुलिस विभाग में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। मासिक बंधी लेने के आरोप में सिटी ईस्ट की स्पेशल टीम के एएसआई शक्ति सिंह, हेडकांस्टेबल अर्जुन सिंह, कांस्टेबल नागेन्द्र सिंह और कांस्टेबल अनिल मीणा जिस तरह से एसीबी शिकंजे में आए है, इस बात की भी पूरी संभावना है कि डीएसपी ईस्ट सूर्यवीर सिंह पर भी जांच की आंच आ सकती है। एसीबी के अनुसार इस प्रकरण की जांच के दौरान डीएसपी सूर्यवीर सिंह से भी पूछताछ की जा सकती है। Udaipur ACB Trap: Udaipur DSP City East may be also face investigation and questioning by ACB | Udaipur News |
राजस्थान पुलिस में डीएसटी जिला स्पेशल टीम का प्रावधान तो है, लेकिन कहीं भी मौखिक या लिखित रूप से वृत स्पेशल टीम के गठन का प्रावधान नहीं है। ऐसे में डीएसपी सूर्यवीर सिंह द्वारा विशेष रूप से गठित की गयी इस वृत स्पेशल टीम के गठन पर ही कई सवाल खड़े हो गए हैं। डीएसपी पूर्व वृत में प्रतापनगर, हिरणमगरी, भूपालपुरा, सूरजपोल और सवीना थाने आते हैं। खास बात यह है कि डीएसपी सूर्यवीर सिंह ने तबादला होने पर 2 दिसंबर 2025 को उदयपुर सिटी ईस्ट डीएसपी पद पर जॉइंन किया था। इसके बाद ही इन चारों पुलिसकर्मियों का मौखिक या लिखित आदेशों पर डिप्टी सिटी ईस्ट ऑफिस में तैनात होना कई कड़ियों को आपस में जोड़ता है।
सवालों से घिरे डीएसपी ईस्ट
इस वृत स्पेशल टीम को लेकर डीएसपी ईस्ट सूर्यवीर सिंह कई प्रकार के सवालों से घिर गए हैं।
- सबसे अहम सवाल ये टीम बनायी क्यों गयी थी?
- क्यों इस टीम को पुलिस की सरकारी बोलेरो देकर पावरफुल बनाया गया था?
- ये वृत स्पेशल टीम मासिक बंधी किसके लिए वसूल रही थी?
- आखिर क्या खास है हेडकांस्टेबल अर्जुन सिंह में, कि डीएसपी सूर्यवीर सिंह जहां होते हैं, वहीं इन्हें ले आते हैं?
- क्यों जिस कांस्टेबल नागेन्द्र सिंह का उदयपुर एसपी ने गत वर्ष शिकायतन तबादला किया था, उसे सूर्यवीर सिंह ने अपनी स्पेशल टीम में शामिल कर लिया?
- आखिर क्यों दो-तीन महीने पहले एएसआई शक्ति सिंह की प्रतापनगर थाने से और कांस्टेबल ड्राइवर अनिल मीणा की हिरणमगरी थाने से रवानगी करवा डीएसपी ऑफिस में हाजिरी हो रही थी?
- इन्हें डीएसपी की स्पेशल टीम में शामिल करने के लिए किस प्रकार के मौखिक और लिखित ऑर्डर जारी हुए थे?
- थानों से जब इन पुलिसकर्मियों की रवानगी हुई तो रोजनामचा में रवानगी का क्या कारण बताया गया?
- आखिर क्यों डीएसपी सूर्यवीर सिंह ने इन पुलिसकर्मियों को वृत स्पेशल टीम में शामिल करने के मौखिक आदेश थानों को दिए?
एआर लाइव न्यूज ने डीएसपी सूर्यवीर सिंह की इस वृत स्पेशल टीम के चारों पुलिसकर्मियों की पड़ताल की तो सूत्रों के अनुसार कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
हेडकांस्टेबल अर्जुन सिंह:सूत्रों के अनुसार यह डीएसपी सूर्यवीर सिंह के काफी भरोसेमंद माने जाते हैं। सूर्यवीर सिंह जब डीएसपी गिर्वा थे, तब भी हेडकांस्टेबल अर्जुन सिंह उनकी टीम में थे। इसके बाद जब सूर्यवीर सिंह का तबादला हुआ और वे उदयपुर शहर पूर्व डीएसपी लगे तो अर्जुन सिंह को भी पुलिस लाइन से डीएसपी ईस्ट की वृत स्पेशल टीम का सदस्य बना दिया गया।
कांस्टेबल नागेन्द्र सिंह:कांस्टेबल नागेन्द्र सिंह को एसीबी गिरफ्तार कर चुकी है। कांस्टेबल नागेन्द्र सिंह की पिछली पोस्टिंग का रिकॉर्ड देखा जाए तो सूत्रों के अनुसार नागेन्द्र सिंह गत वर्ष प्रतापनगर थाने में तैनात हुआ करते थे। कफ सिरफ से संबंधित किसी मामले में हुई शिकायत पर उदयपुर एसपी योगेश गोयल ने नागेन्द्र सिंह को प्रतापनगर से हटाकर झाड़ोल लगा दिया था। लेकिन बाद में नागेन्द्र सिंह किसी प्रकार झाड़ोल से पुलिस लाइन लग गए। चूंकि भूपालपुरा थाना डीएसपी पूर्व सर्किल के तहत आता है, तो नागेन्द्र सिंह को पहले भूपालपुरा थाने में लगाया गया और इसके कुछ दिन बाद ही नागेन्द्र सिंह की भूपालपुरा थाने से रवानगी करवा, डीएसपी ईस्ट की वृत स्पेशल टीम में शामिल किया गया।
एएसआई शक्ति सिंह:एएसआई शक्ति सिंह करीब दो-तीन महीने पहले प्रतापनगर थाने में पदस्थ हुआ करते थे। सूर्यवीर सिंह के डीएसपी पूर्व लगने के बाद शक्ति सिंह की भी प्रतापनगर थाने से रवानगी हुई और वे भी डीएसपी पूर्व की वृत स्पेशल टीम में शामिल किए गए।
कांस्टेबल अनिल मीणा:कांस्टेबल अनिल मीणा हिरणमगरी थाने में पदस्थ थे। इनकी भी करीब दो-तीन महीने पहले सूर्यवीर सिंह के डीएसपी सिटी ईस्ट ऑफिस के लिए थाने से रवानगी कर दी गयी थी।
कार्रवाइयों के लिए मांग की थी तो पुलिस लाइन से गाड़ी उपलब्ध करवायी थी- जिला पुलिस अधीक्षक
इस पूरे प्रकरण पर उदयपुर एसपी योगेश गोयल का कहना है कि गिरफ्तार हुए कांस्टेबल नागेन्द्र सिंह को निलंबित कर दिया गया है। एसीबी से रिपोर्ट आने के बाद में पूरे प्रकरण की विभागीय जांच करवायी जाएगी और उसके अनुसार कार्रवाई होगी। रिकॉर्ड पता किया जाएगा कि ये पुलिसकर्मी कब-कब किन-किन थानों में पदस्थ थे और थानों से रवानगी किन आदेशों पर हुई थी।
वृत स्पेशल टीम को दी गयी पुलिस की सरकारी बोलेरो के बारे में एसपी योगेश गोयलने बताया कि अधिकारी (उदयपुर डिप्टी सिटी ईस्ट) ने स्पेशल कार्रवाइयों के लिए एक गाड़ी की डिमांड की थी। जिसके चलते पुलिस लाइन से गाड़ी उपलब्ध करवायी गयी थी। अपराध नियंत्रण की स्पेशल कार्रवाइयों के लिए गाड़ी उपलब्ध करवायी थी, अब पुलिसकर्मी ने उसका गलत उपयोग किया है, तो वे भुगतेंगे।
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