- विश्व में अब तक मेलानोटिक न्यूरोएक्टोडर्मल ट्यूमर के 600 केस ही दर्ज हैं
- इस बीमारी से ग्रसित सबसे कम उम्र के शिशु की सफल सर्जरी पीएमसीएच में हुई
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के बाल एवं शिशु रोग सर्जरी विभाग में 42 दिन के शिशु की अत्यंत दुर्लभ ट्यूमर मेलानोटिक न्यूरोएक्टोडर्मल ट्यूमर ऑफ इन्फैंसी की सफल सर्जरी की गई है। बच्चे की मात्र 42 दिन की उम्र और बेहद जटिल सर्जरी चिकित्सकों के सामने एक बड़ी चुनौती थी। चिकित्सकों ने दावा किया है कि विश्व में मेलानोटिक न्यूरोएक्टोडर्मल ट्यूमर ऑफ इन्फैंसी के अब तक सिर्फ 600 केस ही सामने आए हैं।
पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के एग्जीक्यूटिव डॉयरेक्टर अमन अग्रवाल ने बताया कि जयसमन्द के पिलादर गांव के 42 दिन के बच्चे को जन्म के 15 दिन बाद मुंह में गांठ हो गई थी। एक ही दिन में गांठ काफी बढ़ गयी और सड़ने लगी। स्थानीय चिकित्सकों ने बच्चे को अहमदाबाद ले जाने की सलाह दी। किसी परिचित की सलाह पर बच्चे के परिजन उसे पेसिफिक हॉस्पिटल बेदला लेकर आए और यहां डॉ प्रवीण झंवर को दिखाया। डॉक्टर प्रवीण झंवर ने जांच कर परिजनों को बताया कि बच्चे के दुर्लभ मेलानोटिक न्यूरोएक्टोडर्मल ट्यूमर है, जिसका ऑपरेशन द्वारा ही उपचार सम्भव है। परिजनों की सहमति पर चिकित्सकों की टीम ने बच्चे की सफल सर्जरी कर उसका उपचार किया है।
इस सफल ऑपरेशन में बाल एवं नवजात शिशु सर्जन डॉ. प्रवीण झंवर, ऑन्को सर्जन डॉ. सौरभ शर्मा, एनेस्थिसिया विभाग के डॉ. प्रकाश औदिच्य, डॉ. कृष्ण गोपाल, डॉ. स्वाति, डॉ. अजय, विष्णु, विवेक, मनीष एवं कल्पेश की टीम का सहयोग रहा।
समय पर सर्जरी नहीं होती तो बच्चे के जीवन खतरे में पड़ सकता था
बाल एवं नवजात शिशु सर्जन डॉ. प्रवीण झंवर ने बताया कि अभी तह इस तरह के विश्व में केवल 600 केस ही दर्ज है, जिसमें से ये सबसे कम उम्र का बच्चा है जिसका पीएमसीएच में सफल ऑपरेशन किया गया। डॉ. प्रवीण ने बताया कि मेलानोटिक न्यूरोएक्टोडर्मल ट्यूमर बहुत ही दुर्लभ और तेजी से बढ़ने वाला ट्यूमर होता है। यदि समय पर इसका इलाज न किया जाए तो यह बच्चे के जीवन के लिए गंभीर खतरा बन सकता था। हमने पूरी टीम के साथ मिलकर इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया। ऑपरेशन के बाद शिशु की हालत लगातार सुधार रहा और वह सामान्य रूप से दूध पीने लगा
जन्मजात होता है मेलानोटिक न्यूरोएक्टोडर्मल ट्यूमर ऑफ इन्फैंसी
डॉ. झंवर ने स्पष्ट किया कि मेलानोटिक न्यूरोएक्टोडर्मल ट्यूमर ऑफ इन्फैंसी एक जन्मजात ट्यूमर होता है जो मुख्य रूप से 6 महीने से कम उम्र के शिशुओं में पाया जाता है। यह ट्यूमर मस्तिष्क के तंत्रिका शिखा कोशिकाएं से उत्पन्न होता है। जो मुख्य रूप से शिशुओं के सिर व चेहरे की हड्डियों, विशेष रूप से ऊपरी जबड़े में विकसित होता है। यह ट्यूमर काला या नीला रंग लिए हो सकता है और बहुत तेजी से बढ़ता है, जिससे बच्चे को सांस लेने और दूध पीने में कठिनाई होती है। यदि समय पर इलाज न हो तो यह ट्यूमर आसपास के ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकता है।
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