- 443.75 करोड़ का घोटाला: लाभांवित प्रोपर्टी किंग भू व्यवसायियों पर कब होगी कार्रवाई.?
- सरकारी जमीनों की बंदरबाट, मुख्यमंत्री जन आवास योजना के नाम भी बिल्डर्स को पहुंचाया फायदा.!
- मामला एसीबी को भी सौंपा जा सकता, लेकिन इस पर भी जिम्मेदारों की है चुप्पी.!
उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। उदयपुर के राजस्व ग्राम रूपनगर भुवाणा, नला फला ढीकली एवं वाड़ा, और कालारोही सीसारमा में प्लान अनुमोदन, आवंटन पत्र / पट्टा जारी करने में नियमों का उल्लंघन और वित्तीय अनियमित्ताएं उजागर होने के बाद करीब 443.75 करोड़ का घोटाला सामने आया है, तत्कालीन अधिकारियों पर लगातार गाज गिर रही है, लेकिन ताजुब्ब है कि यूडीए ने अभी तक 443.75 करोड़ के घोटाले के असली लाभांवित उदयपुर के प्रोपर्टी किंग कहे जाने वाले भू कारोबारियों के खिलाफ न तो एसीबी में कोई मामला दर्ज करवाया है और न ही धोखाधड़ी की एफआईआर हुई है। udaipur UDA Land Scam jamin ghotala : involved bigshot property businessman and dealer
स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग की ऑडिट में जो वित्तीय अनियमित्ताएं और गड़बड़ियां उजागर हुई है, उनमें शांतिलाल मेहता और गोविंद अग्रवाल जैसे उदयपुर के प्रोपर्टी किंग कहे जाने वाले भू कारोबारियों की जमीनों के प्लान शामिल होना पाया गया है। ये गड़बड़ियां कोई 100-200 वर्गफीट जमीन या प्लान से जुड़ी हुई नहीं है, बल्कि लाखों वर्गफीट जमीनों से जुड़ा मामला है। अधिकारियों और उदयपुर के बड़े भू व्यवसायियों ने लाखों वर्गफीट सरकारी जमीनों की भी बंदरबाट कर राजस्थान सरकार को करोड़ों की राजस्व हानि पहुंचा दी। मुख्यमंत्री जन आवास योजना के नाम फ्री होल्ड पट्टे जारी कर बिल्डर्स को भी करोड़ों का फायदा पहुंचाया गया। कांग्रेस सरकार के समय हुए जल जीवन मिशन घोटाले में जांच एजेंसी एसीबी, सीबीआई और ईडी आगे आयीं, लेकिन कांग्रेस सरकार के समय उदयपुर में हुए इस घोटाले में अब तक कोई एजेंसी आगे नहीं आयी है।

एफआईआर दर्ज करवाने की हिम्मत क्यों नहीं दिखा पा रहा यूडीए
यूआईटी (वर्तमान में यूडीए) के इस घोटाले में दो तत्कालीन सचिव नितेन्द्रपाल सिंह, राजेश जोशी और उप नगर नियोजक ऋतु शर्मा को निलंबित किया जा चुका है। तत्कालीन ओएसडी (कार्यवाहक सचिव) सावन कुमार चायल को नोटिस जारी हो चुका है। करीब 443.75 करोड़ की अनियमिताएं सामने आने पर अफसरों के खिलाफ एक्शन होना वाजिब था, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि उदयपुर के जिन बड़े भू व्यवसासयियों, बिल्डर ने सांठगांठ कर कम दर पर प्लान अनुमोदन करवा लिए, उन लाभांवित भू-कारोबारियों के खिलाफ यूडीए और राज्य सरकार अभी तक एफआईआर दर्ज करवाने की हिम्मत क्यों नहीं दिखा पाए है।
उदयपुर का यह घोटाला भी पिछली कांग्रेस सरकार के समय ही हुआ है। प्रदेश में जल-जीवन मिशन में हुआ घोटाला उजागर हुआ था, तब राजस्थान एसीबी, सीबीआई एसीबी और प्रवर्तन निदेशालय ईडी जांच एजेंसी पड़ताल में जुट गयी थीं, तब अधिकारियों के अलावा ठेकेदार कंपनी का मालिक भी गिरफ्तार हुआ था। तो उदयपुर के इस घोटाले में अब तक कोई एजेंसी आगे क्यों नहीं आयी है। गौर करने वाली बात यह भी है कि यूडीए ने वित्तीय अनियमितता जमीनों की सरकारी रेट के अनुसार निकाली है, अगर इन जमीनों का बाजार भाव देखा जाए तो यह घोटाला 1000 करोड़ से अधिक का होगा।
संभागीय आयुक्त और कलेक्टर चाहें तो लाभांवितों के खिलाफ दर्ज हो सकती है एफआईआर
स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग की ऑडिट में ये वित्तीय अनियमितताएं और गड़बड़ियां सामने आयी। इसके बाद यूडीए आयुक्त राहुल जैन ने सख्ती दिखाई। जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कार्यवाही करने राज्य सरकार को लिखा और संबंधित प्लान से जुड़ी अगली प्रक्रिया पर तत्काल रोक के लिए जिला कलेक्टर को भी लिखित में सूचित किया।
यूडीए अध्यक्ष का जिम्मा अभी संभागीय आयुक्त के पास है ऐसे में उनकी भी जिम्मेदारी बनती है कि इन जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी करे। जिले के प्रशासनिक मुखिया के रूप में जिला कलेक्टर की भी अपनी जिम्मेदारी बनती है कि सरकार को राजस्व नुकसान पहुंचाने वाले इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने यूडीए को निर्देशित करे।
ये बड़ी अनियमितताएं उजागर हुई
- राजस्व ग्राम रूपनगर भुवाणा में 16.1095 हैक्टेयर भूमि का प्लान 19 जुलाई 2023 को अनुमोदित किया गया। साथलिया योजना की जमीन का प्रशासन शहरों के संग अभियान में कृषि भूमि नियमन, टाउनशिप पॉलिसी 2010 एवं मुख्यमंत्री जन आवास योजना के प्रावधानों के विपरीत अनावश्यक रूप से सुओ मोटो की प्रक्रिया से फ्री होल्ड पट्टे जारी कर विकासकर्ता (बिल्डर) को 143.30 करोड़ का फायदा पहुंचाने का ऑडिट रिपोर्ट में आक्षेप लगाया गया।
- रूपनगर भुवाणा में 10 अगस्त 2023 को ले आउट समिति ने प्लान अनुमोदिन किया। स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग की वर्ष 2022-2024 की ऑडिट में राजस्व ग्राम रूपनगर भुवाणा में टाउनशिप पॉलिसी 2010 के प्रावधानों के विपरित जाकर न्यास द्वारा नियमों से अधिक क्षेत्रफल के पट्टे जारी कर मैसर्स केपेटिव फूडस प्राइवेट लिमिटेड व अन्य को 34.97 करोड का लाभ पहुंचा कर भारी अनियमितता करने का आपेक्ष लगाया गया है। इस प्लान की कुल जमीन 3.8775 हैक्टेयर है।
- राजस्व ग्राम रूपनगर भुवाणा में 9 जून 2023 को 4.0018 हैक्टेयर का प्लान अनुमोदित किया गया। इसमें नियमों से विपरीत अधिक क्षेत्रफल के पट्टे जारी कर एवं न्यास की 17800 वर्गफीट जमीन कम दर पर बेचकर भू व्यवसायियों को 42.34 करोड़ का लाभ पहुंचा गया।
सरकारी जमीनें भी कम-दर पर बेच डालीं
- रूपनगर भुवाणा में 2.61 हैक्टेयर भूमि का 24 जनवरी 2023 को प्लान अनुमोदित किया गया। इसमें नियमों से अधिक क्षेत्रफल के पट्टे जारी करने के साथ ही न्यास की 24740 वर्गफीट जमीन कम दर पर बेचकर आवेदकों को 63.86 करोड़ का लाभ पहुंचाया गया।
- राजस्व ग्राम रूपनगर भुवाणा में 1.4500 हैक्टेयर भूमि का 4 अगस्त 2023 को प्लान अनुमोदित किया गया। इसमें नियमों से अधिक क्षेत्रफल के पट्टे जारी करने के साथ ही न्यास की 6,090 वर्गफीट जमीन कम दर से बेचकर आवेदकों को 21.83 करोड़ का फायदा पहुंचाया गया।
- राजस्व ग्राम रूपनगर भुवाणा में आराजी संख्या 3611 से 3621 की भूमि के प्लान ले आउट समिति द्वारा 14 दिसंबर 2022 को अनुमोदित किया। भुवाणा विस्तार योजना में आने वाली भूमि के नियमन में राज्य सरकार द्वारा गठित मंत्रिमंडलीय उप समिति के आदेश अनुसार नियमन नहीं कर 32.34 करोड़ की राजस्व हानि पहुंचाई गई।
- ऑडिट रिपोर्ट अनुसार राजस्व ग्राम रूपनगर भुवाणा में 3.7300 हैक्टेयर जमीन का 9 अक्टूबर 2023 को प्लान अनुमोदित किया गया। पुजावाटी योजना की जमीन का प्रशासन शहरों के संग अभियान में कृषि भूमि नियमन, टाउनशिप पॉलिसी 2010 एवं मुख्यमंत्री जन आवास योजना के प्रावधानों के विपरीत अनावश्यक रूप से सुओ मोटो की प्रक्रिया से फ्री होल्ड पट्टे जारी कर विकासकर्ता (बिल्डर) को 31.24 करोड़ का फायदा पहुंचाया गया।
नला फला और कालारोही में भी बंदरबांट
- राजस्व ग्राम नला फला में 11 अक्टूबर 2022 को 14.7313 हैक्टेयर का प्लान अनुमोदित किया गया। इसमेंं ले आउट समिति ने नला फला,वाड़ा और ढीकली ग्रामों में अलग अलग टुकड़ों का अनुचित 4.7313 हैक्टेयर की एकीकृत टाउनशीप प्रयोजनार्थ ले आउट प्लान अनुमोदित कर एवं प्राधिकरण की 90,476 वर्गफीट जमीन का समतुल्य विनिमय न कर 49.57 करोड़ की राजस्व हानि पहुंचाई गई।
- कालारोही सीसारमा में 3,3600 हैक्टेयर कुल 3,61,536 वर्गफीट सरकारी जमीन का रिसोर्ट विस्तार के लिए आवंटन जारी कर 13 अप्रैल 2023 को लीज डीड जारी की गई। नियम विरूद्ध सरकारी आवंटित कर 23.70 करोड़ की राजस्व हानि का आक्षेप लगाया गया है।
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