उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। अजमेर की दसवीं कक्षा की छात्रा नीतू रावत जन्म से ही सुनने में असक्षम है। नीतू के माता-पिता उस समय निराश हो गए जब उन्हें एहसास हुआ कि उसकी स्थिति के कारण रोजमर्रा की बातचीत और पढ़ाई-लिखाई मुश्किल होने वाली है। नोएडा डेफ सोसाइटी के सहयोग से हिंदुस्तान जिंक के जीवन तरंग कार्यक्रम से उसका जीवन में बदलाव आया, उसे भारतीय सांकेतिक भाषा (ISL), जीवन कौशल पर साक्षरता और नई तकनीकों पर साक्षरता से परिचित कराया गया। नीतू अब आत्मविश्वास के साथ अपनी सहपाठियों से बातचीत करती है। स्कूल में सक्रिय रूप से भाग लेती है और घर पर बेहतर समझ विकसित करने के लिए अपने भाई-बहनों को आईएसएल भी सिखाती है। Hindustan Zinc Jeevan Tarang program
नीतू की ही तरह भीलवाड़ा निवासी सातवीं कक्षा के छात्र मनीष कुमावत को भी जन्म से ही सुनने की समस्या थी। हिंदुस्तान जिंक के जीवन तरंग कार्यक्रम ने मनीष के जीवन में उल्लेखनीय बदलाव लाया। एनडीएस प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में, उन्होंने आईएसएल सीखा और अपने बुनियादी ज्ञान में सुधार किया। आजए वह एक उज्जवल भविष्य का सपना देखते हैं।

उद्यमशीलता की सोच भी हो रही विकसित
वर्ष 2017 से संचालित हिंदुस्तान जिंक का जीवन तरंग कार्यक्रम विशेष योग्यजन वाले बच्चों की शैक्षिक जरूरतों को पूरा करने के लिए समर्पित है। अजमेर, भीलवाड़ा और उदयपुर के चार विद्यालयों में इस पहल से 900 से अधिक बच्चें लाभान्वित हो रहे है, उनके सीखने के अनुभवों को बदल रही है और समग्र विकास को बढ़ावा दे रही है। 600 से अधिक बच्चों को आईएसएल में प्रशिक्षित किया गया है और 100 से अधिक दृष्टिबाधित बच्चों ने डेजी प्लेयर, स्मार्टफोन और कंप्यूटर का उपयोग कर प्रौद्योगिकी कौशल हासिल किया है।
छात्र स्वतंत्रता और उद्यमशीलता की सोच को प्रोत्साहित करने के लिए कला और शिल्प, ब्यूटीशियन प्रशिक्षण और गृह विज्ञान जैसे व्यावहारिक कौशल सीखते हैं। इसके अतिरिक्त, हिंदुस्तान जिंक ने कर्मचारियों, व्यावसायिक भागीदारों और समुदाय के सदस्यों को आईएसएल प्रशिक्षण शुरू देकर अपने प्रयासों को आगे बढ़ाया है, जिससे विशेष जरूरतों वाले लोगों के लिए समावेशिता का समाज तैयार हो रहा है। Hindustan Zinc Jeevan Tarang program for differently-abled children


