- सांसदी बहाल होगी, संसद के मौजूदा सत्र में शामिल हो सकेंगे
- सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई पूरी होने तक सजा पर रोक रहेगी
नई दिल्ली,(एआर लाइव न्यूज)। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए मोदी सरनेम केस (modi surname case) में राहुल गांधी को निचली अदालत से मिली 2 साल की सजा पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से अब राहुल गांधी की सांसदी भी बहाल हो जाएगी और उन्हें सरकारी आवास भी वापस मिल जाएगा। संसद सत्र में राहुल गांधी हिस्सा भी ले सकेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में स्पष्ट कहा है कि जब तक राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई पूरी नहीं होती, तब तक दोषसिद्धि पर रोक रहेगी। राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से यह एक बड़ी राहत मानी जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट का फैसले में मुख्य बातें, जिस आधार पर लगी सजा पर रोक
न्यायमूर्ति बीआर गवई, न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने कहा कि निचली अदालत को मामले में गांधी को अधिकतम दो साल की सजा देने का कोई कारण बताना चाहिए था। निचली अदालत और उच्च न्यायालय ने फैसला लिखने में अधिकतम सजा देने का कोई कारण नहीं बताया कि वे अधिकतम सजा क्यों दे रहे हैं। अधिकतम सजा के कारण गांधी को संसद में गांधी को अयोग्य घोषित किया गया था, ऐसे में कोर्ट की कार्यवाही के लंबित रहने तक दोषसिद्धि के आदेश पर रोक लगाने की आवश्यकता है।
पीठ ने कहा : हमारा मानना है कि निचली अदालत के फैसले का प्रभाव व्यापक है। यह फैसला राहुल गांधी के साथ ही उनके निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित करता है।
नेताओं को जनता के बीच बोलते वक्त सावधानी बरतनी चाहिए
पीठ ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में एक व्यक्ति से सार्वजनिक भाषण देते समय कुछ हद तक सावधानी बरतने की उम्मीद की जाती है। इस बात में कोई शक नहीं कि भाषण में जो भी कहा गया, वह अच्छा नहीं था। नेताओं को जनता के बीच बोलते वक्त सावधानी बरतनी चाहिए। यह राहुल गांधी का कर्तव्य बनता है कि इसका ध्यान रखें।
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इस दिन राहुल गांधी को संसद से आयोग्य घोषित किया गया था

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