कई इलाकों और घरों में भरा यमुना का पानी, स्कूल-ऑफिस बंद
नई दिल्ली,(एआर लाइव न्यूज)। देश की राजधानी दिल्ली में यमुना नदी के 208.62 मीटर पार होने से बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। यमुना का पानी दिल्ली के कई इलाकों और घरों में भर गया है। स्थिति यह है कि घरों के अंदर बैड, फर्नीचर, गाड़ियां सब डूब गए हैं। दिल्ली में सभी स्कूल-कॉलेज और निजी कार्यालय बंद कर दिए गए हैं। बचाव दल ने निचले इलाकों में रहने वाले करीब 16 हजार से अधिक लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है।
स्थिति से निपटने के लिए सीएम अरविंद केजरीवाल ने केन्द्र सरकार से मदद मांगी है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर सुझाव दिया है कि हरियाणा में हथिनीकुंड बैराज से धीमी गति से पानी छोड़ने को नियंत्रित किया जाए। ताकि यमुना के बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित किया जा सके।
पीने के पानी की हो सकती है समस्या
यमुना का जल स्तर बढ़ने से दिल्ली वासी कई प्रकार की समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन उन्हें अब पीने के पानी की किल्लत से भी जूझना पड़ सकता है। बाढ़ के हालात देखते हुए सीएम केजरीवाल ने वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला में ट्रीटमेंट प्लांट को बंद करवा दिया है। इससे कुछ हिस्सों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
दिल्ली के बाढ़ संभावित इलाकों में धारा 144 लागू कर दी गयी है। भाजपा और आप के नेताओं ने बाढ़-राहत कार्यों में भाग लिया। सीएम ने पानी से घिरे इलाकों में स्कूलों को बंद करने की घोषणा की है। केजरीवाल ने एक ट्वीट में लिखा, दिल्ली के
जिन इलाकों में पानी भर रहा है, वहां सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद किए जा रहे हैं।


