आईटीआई की शिक्षा प्राप्त की और छापने लगा नकली नोट
लकी जैन,उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। उदयपुर पुलिस ने नकली नोट (फेक करेंसी) बनाने और मार्केट में सर्कुलेट करने वाले गिरोह (fake currency gang) का पर्दाफाश कर मुख्य आरोपी सहित दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह मार्केट में अब तक 10 लाख रूपए के नकली नोट प्रचलित कर चुका था।
एसपी विकास शर्मा ने बताया कि प्रतापगढ़ के इंद्रा कॉलोनी निवासी गौरव पुत्र समरथमल कुमावत और एमपी के मंदसौर निवासी चेतन भावसार पुत्र प्रहलाद भावसार को गिरफ्तार किया गया है। चेतन भावसार के कब्जे से 500-500 रूपए के नोट भारतीय मुद्रा के 64500 रूपए बरामद किए हैं, वहीं गौरव कुमावत के घर से नकली नोट तैयार करने के लिए उपयोग में लिये जा रहे इलेक्ट्रोनिक संसाधन लेपटोप, टेबलेट, कलर प्रिन्टर, डाटा केबल, पेन ड्राईव आदि सामग्री बरामद किए गए हैं।
पूछताछ में मुख्य आरोपी गौरव ने बताया कि वह पिछले एक साल में करीब 10 लाख रूपए के नकली नोट छाप चुका है और गिरोह के अन्य साथियों की मदद से बाजार में प्रचलित कर चुका है। पुलिस गिरोह के अन्य साथियों की तलाश कर रही है। इस कार्रवाई में सुखेर थानाधिकारी संजय शर्मा के नेतृत्व में एसआई विरम सिंह, एएसआई रणजीत सिंह, सुरेन्द्र सिंह, हेडकांस्टेबल शरीफ खान, कांस्टेबल ओम प्रकाश, हरिकृष्ण, लोकेश सहित प्रतापगढ़ पुलिस की मुख्य भूमिका रही है।

यू-ट्यूब पर सीखा नकली नोट बनाना
सुखेर थानाधिकारी संजय शर्मा ने बताया कि मुखबीर की सूचना पर क्षेत्र में दबिश देकर चेतन भावसार को पकड़ा था। आरोपी की कार की तलाशी ली तो 64500 रूपए के 500-500 के नकली नोट बरामद हुए। इस पर चेतन भावसार को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की तो उसने यह नोट प्रतापगढ़ के गौरव कुमावत से लाना स्वीकार किया। इस पर पुलिस टीम ने प्रतापगढ़ पुलिस की मदद से गौरव कुमावत के घर पर दबिश दी। पुलिस ने मौके से नकली नोट छापने में उपयोग होने वाले सामान बरामद किए।
पूछताछ में गौरव ने कबूला कि उसने आईटीआई की शिक्षा प्राप्त की है। आईटीआई का कोर्स करने के बाद उसने कुछ साथियों के साथ मिलकर दो साल पहले यू-ट्यूब पर नकली नोट बनाने का तरीका सीखा था। इसके बाद नकली नोट बनाना शुरू किया और करीब एक साल से गौरव खुद के बनाए गिरोह के साथ मिलकर नकली नोट बनाकर छाप रहा था। आरोपी गौरव पिछले एक साल में करीब 10 लाख रूपए के 200, 500 और 2000 भारतीय मुद्रा नकली नोट छाप कर बाजार में प्रचलित कर चुका है।

50 पर्सेंट पर चला रहा था नकली नोट
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने गिरोह में कुछ ऐसे लोगों को शामिल किया, जो मार्केट में नकली नोट प्रचलित कर सकते थे। उन लोगों को आरोपी ने 50 प्रतिशत मुनाफे का लालच दिया। वह मार्केट में चलाने के लिए जितने नकली नोट देता था, उसकी आधी राशि के असली भारतीय मुद्रा वापस लेता था।
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