एआर लाइव न्यूज। तुर्की और पड़ोसी देश सीरिया में सोमवार को आए भीषण भूकंप में अब तक 4800 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, बचाव दल मलबा हटाकर दबे हुए लोगों की तलाश में लगे हैं, ताकि कोई जीवित हो तो उसे रेस्क्यू किया जा सके। अधिकारियों ने मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई है, वहीं डब्ल्यूएचओ ने अंदेशा जताया है कि दोनों देशों turkey earthquake में करीब 20 हजार लोगों की मौत हुई है।
मध्य तुर्की क्षेत्र में मंगलवार को फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए। मंगलवार को आए भूकंप की तीव्रता 5.6 रिक्टर मापी गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि सीरिया की सीमा के पास दक्षिण-पूर्वी तुर्की में एक शक्तिशाली भूकंप से मरने वालों की संख्या 20 हजार से ज्यादा हो सकती है।तुर्की में एक के बाद एक आए भीषण भूकंप से वहां की हजारों इमारतों को भी भारी नुकसान हुआ है।
भारत सहित अमेरिका, यूरोपीय संघ और रूस ने भेजी मदद
- भारत ने भी एनडीआरएफ की टीम, बचाव दल और डॉग स्क्वॉयड दस्ते सहित आपदा राहत सामग्री के साथ पहला दल तुर्की भेजा है। आज सुबह तुर्की के अडाणा एयरपोर्ट पर भारत की मदद पहुंच गयी। भारत की तरफ से प्रशिक्षित चिकित्सकों और पैरामेडिक का एक दल भी आवश्यक दवाओं के साथ भेजे जाएगा।
- यूरोपीय संघ के कम से कम 13 सदस्य देशों ने तुर्की की मदद के लिए बचाव दल भेजने व अन्य सहायता देने की पेशकश की।
- अमेरिका ने तुर्की की मदद के लिए कैलिफोर्निया में लॉस एंजिलिस काउंटी के लगभग 100 दमकल कर्मियों और इंजीनियरों को भेजा है।
- सीरिया में तैनात रूसी सैनिकों ने 300 जवानों से लैस दस टुकड़ियों को मलबा हटाने और उसमें दबे जिंदा लोगों की तलाश करने के लिए भेजा।

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