राजनगर में देर रात तक चला कवि सम्मेलन
राजसमंद(एआर लाइव न्यूज)। राजनगर के बजरंग चौराहा स्थित वीर बालाजी मंदिर की सातवीं वर्षगाठ पर आयोजित कवि सम्मेलन में देर रात तक जमा। नवंबर की ठंडी बयार के बीच कवियों ने हास्य,व्यंग्य की प्रस्तुतियां देकर खूब तालियां बटौरी।
कवि सम्मेलन का शुभारंभ नरेंद्र रावल की सरस्वती वंदना से हुआ। व्यंग्यकार हेमेंद्र सिंह मारवाड़ ने परिषद क्षेत्र में घूम रहे आवारा मवेशियों से आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं पर व्यंग्य बाण छोड़े। उपली ओडन के हास्य कवि कानू पंडित ने मायरा और जीमण पर एक बार आओ जी जमाई जी पावणा….पैरोडी सुना कर श्रोताओं को खूब हंसाया। वा कवि नरेंद्र सिंह रावल ने जियों जतरे राणाजी मैं करी थारी चाकरी, सिख म्हाने दो राणा जी या मुलाकात आखिरी …..गीत से महाराणा प्रताप और चेतक के आखरी संवाद को पढक़र पूरे वातावरण को करुणामय कर दिया।

चेतक की टप-टप जौहर की ज्वाला….
वीर रस के कवि सिद्धार्थ देवल उदयपुर ने वीर कल्ला जी राठौड़ की वीरता का बखान करते हुए देश प्रथम हो यही सोच इच्छाएं मार रही हूं मैं सूर्यवंश पर निज सुहाग की घडिय़ां वार रही हूं कविता सुना कर श्रोताओं में शोर्य और वीरता का संचार कर दिया। इससे पूर्व साय 6.30 बजे पंडित शशिकांत दीक्षित ने बालाजी महाराज की महा आरती उतारी। पीपली आचार्यान राजसमंद के वीर रस के कवि द्वारा चेतक की टप-टप जौहर की ज्वाला यहां राष्ट्र प्रेमियों की तीर्थ भूमि ये मेवाड़ है और ऐसे लोगों में रावण और कंश दिखाई देता हैं…. से वातावरण को देशभक्ति से सराबोर किया।
कोई दो लुगाया करो मति वगड़ी जावेला मनख गति
उदयपुर के हास्य कवि डाडम चंद डाडम ने कोई दो लुगाया करो मति वगड़ी जावेला मनख गति जैसी छोटी-छोटी रचनाओं से खूब ठहाके लगवाए। पंडित अजीत उपाध्याय ने बताया कि मुख्य अतिथि राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी थी। समिति अध्यक्ष कैलाश निष्कलंक, पूर्व सभापति नगर परिषद दिनेश पालीवाल, सुरेश पालीवाल, सुभाष पालीवाल, दिनेश वडाला, कालूराम प्रजापत, भरत प्रजापत सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

इंदौर से आए वीर रस के कवि मुकेश मौलवा ने मुझे गर्व है कि मैं हिंदू हूं तथा अमर शहीद चंद्र शेखर आजाद के जीवन सहित अनेक कविताएं सुनाकर पांडाल को जय श्री राम के नारों से गुंजायमान कर दिया। पंडित सुनील व्यास ने भी काव्य प्रस्तुतियां दी। महोत्सव को सफल बनाने के लिए दिलीप सिंह, सुरेश माली, मुकेश माली, विजय बहादुर जैन, सुरेश माली, राकेश माली, किशन सालवी, भगवान लाल कुमावत, हरीश पालीवाल व सुरेश प्रजापत सहित कई धर्म प्रेमियों ने सेवाएं दी।
शोभायात्रा में दिखा उत्साह
महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार को मालीवाडा से ठाकुर जी की शोभायात्रा एवं 56 भोग की झांकी निकाली गई। शोभायात्रा मालीवाडा, माणक चौक से होती हुई बजरंग चौराहा स्थित वीर बालाजी मंदिर प्रांगण पहुंची जहां छप्पन भोग धराकर आरती की गई। इस दौरान धर्म प्रेमियों ने उत्साह नजर आया।


