CSR पहल के तहत इस दिवाली पटाखों से घायल 15 साल से कम उम्र के बच्चों का होगा इलाज
उदयपुर, एआर लाइव न्यूज। दीपावली के दौरान पटाखों से होने वाली आंखों की चोटों से बच्चों को बचाने और उन्हें समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एएसजी हॉस्पिटल ने ‘सुरक्षित आंखें, सुरक्षित दिवाली’ अभियान शुरू किया है। इस पहल के तहत पटाखों से आंखों में चोट लगने वाले 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का एएसजी आई हॉस्पिटल में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) कार्यक्रम के अंतर्गत इलाज किया जाएगा। | ASG Safe Eyes Safe Diwali Campaign
यह अभियान 12 नवंबर 2026 तक देश के 95 से अधिक शहरों में स्थित 200 से अधिक एएसजी आई हॉस्पिटल केंद्रों पर संचालित होगा। इसके अंतर्गत बच्चों को चोट की गंभीरता के अनुसार प्राथमिक उपचार, आपातकालीन नेत्र चिकित्सा और आवश्यकता पड़ने पर सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि, दवाइयां और चश्मे जैसे ऑप्टिकल उत्पाद इस पहल में शामिल नहीं हैं। इस योजना पर नियम एवं शर्तें लागू होंगी। | ASG Safe Eyes Safe Diwali Campaign

पटाखों से आंखों की चोट पर तुरंत मिलेगा उपचार
एएसजी हॉस्पिटल की इस पहल का उद्देश्य दीपावली के उत्सव के दौरान बच्चों की आंखों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं के मामलों में समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध कराना है। अभियान के तहत परिवार नजदीकी सहभागी एएसजी आई हॉस्पिटल केंद्र की जानकारी और उपचार संबंधी मार्गदर्शन के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800 1200 111 पर संपर्क कर सकते हैं। अस्पताल के अनुसार, पिछले वर्ष दीपावली के दौरान एएसजी के विभिन्न केंद्रों पर पटाखों से आंखों में चोट लगने वाले 500 से अधिक बच्चों का उपचार किया गया था।
आंख में चोट लगने पर घरेलू उपचार से बचें : डॉ. रोहित कुमार योगी
एएसजी आई हॉस्पिटल उदयपुर के चिकित्सा निदेशक डॉ. रोहित कुमार योगी ने कहा कि बच्चों में पटाखों से होने वाली आंखों की अधिकांश चोटों को सावधानी बरतकर रोका जा सकता है। हालांकि, दुर्घटना होने की स्थिति में बच्चे को कितनी जल्दी नेत्र विशेषज्ञ के पास पहुंचाया जाता है, यह उसकी आंखों की रोशनी बचाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है।
उन्होंने कहा कि त्योहारों के व्यस्त समय को देखते हुए देशभर में एएसजी के केंद्रों पर आंखों की चोट से जुड़े मामलों के उपचार के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। परिवारों से अपील है कि बच्चे की आंख में चोट लगने पर घरेलू उपचार करने के बजाय तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें।
उन्होंने बताया कि पटाखों से आंख में लगी छोटी दिखने वाली चोट भी गंभीर हो सकती है और आंखों की रोशनी को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए किसी भी तरह की चोट को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

दीपावली पर बच्चों की आंखों की सुरक्षा के लिए पांच जरूरी सावधानियां
- सुरक्षित दूरी बनाए रखें: पटाखे जलाते समय उनसे उचित दूरी रखें।
- सुरक्षात्मक चश्मा पहनें: पटाखे जलाते समय आंखों की सुरक्षा के लिए सेफ्टी गॉगल्स का इस्तेमाल करें।
- बच्चों पर निगरानी रखें: बच्चों को कभी भी अकेले पटाखे न जलाने दें।
- पटाखों के ऊपर न झुकें: जलते या न जलने वाले पटाखों के ऊपर झुककर देखने की गलती न करें।
- चोटिल आंख को न रगड़ें: आंख में चोट लगने पर उसे छूने, रगड़ने या दबाने से बचें।

पटाखों से आंख में चोट लगने पर क्या करें?
- चोटिल आंख को बिल्कुल न रगड़ें और न ही दबाव डालें।
- आंख में फंसी किसी वस्तु को स्वयं निकालने की कोशिश न करें।
- आंख को पानी की तेज धार से न धोएं।
- आंख में काजल, मलहम, आई ड्रॉप या कोई घरेलू उपाय न अपनाएं।
- बिना दबाव डाले आंख को साफ सुरक्षा कवच से हल्के से ढकें।
- तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1800 1200 111 पर संपर्क करें और बच्चे को नजदीकी एएसजी आई हॉस्पिटल या नेत्र आपातकालीन सेवा में ले जाएं।
समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक से उपचार मिलने पर आंखों को गंभीर नुकसान से बचाने और बच्चे की दृष्टि सुरक्षित रखने की संभावना बढ़ जाती है।

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