वॉशिंगटन/अमेरिका,एआर लाइव न्यूज। अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को हुए मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद (US Congress) के दोनों सदनों हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में 228 और सीनेट में 54 सीटों के साथ बहुमत हासिल कर लिया है। इस नतीजे को ट्रंप के दूसरे राष्ट्रपति कार्यकाल के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
अमेरिकी मीडिया की चुनावी रिपोर्ट के अनुसार, डेमोक्रेट्स की इस जीत से कांग्रेस में सत्ता का संतुलन बदल गया है। अब ट्रंप प्रशासन के लिए नए कानून पास कराना और अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाना पहले की तुलना में मुश्किल होगा। डेमोक्रेट्स को प्रशासन के कामकाज की जांच करने, संसदीय समितियों के जरिए सवाल उठाने और सरकारी अधिकारियों को जवाबदेह बनाने का अवसर भी मिलेगा।
महंगाई और ईरान युद्ध बना चुनाव का बड़ा मुद्दा
इस चुनाव में अमेरिकी मतदाताओं के बीच महंगाई, रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतें, ट्रंप की टैरिफ नीति और ईरान के साथ जारी युद्ध जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। इन मुद्दों को लेकर सरकार के प्रति नाराजगी का असर चुनाव परिणामों में दिखाई दिया। रिपब्लिकन पार्टी को उन क्षेत्रों में भी नुकसान हुआ, जहां पहले उसका मजबूत जनाधार माना जाता था।
ट्रंप ने डेमोक्रेट्स को दी वीटो की चेतावनी
चुनाव में हार के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने डेमोक्रेट्स के साथ राजनीतिक टकराव के संकेत दिए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘वीटो’ लिखा हुआ MAGA कैप साझा किया और फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा कि यदि डेमोक्रेट्स ऐसे प्रस्ताव लाते हैं जिन्हें वह गलत मानते हैं, तो वह राष्ट्रपति के वीटो अधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
अमेरिका में राष्ट्रपति को कांग्रेस से पारित विधेयक पर वीटो लगाने का अधिकार होता है। हालांकि, कांग्रेस दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत से राष्ट्रपति के वीटो को पलट सकती है। ऐसे में आने वाले दो सालों में व्हाइट हाउस और कांग्रेस के बीच राजनीतिक खींचतान बढ़ने की संभावना है।
क्या होते हैं अमेरिका में मिडटर्म चुनाव?
अमेरिका में राष्ट्रपति का कार्यकाल चार साल का होता है। राष्ट्रपति चुनाव के ठीक दो साल बाद होने वाले संसदीय चुनाव को मिडटर्म इलेक्शन (Midterm Election) कहा जाता है। इसका मतलब है राष्ट्रपति के कार्यकाल के बीच में होने वाला चुनाव।
इन चुनावों में राष्ट्रपति पद के लिए मतदान नहीं होता, बल्कि अमेरिकी संसद के सदस्यों को चुना जाता है। अमेरिकी संसद को कांग्रेस कहा जाता है, जिसके दो सदन हैं।
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स: यह संसद का निचला सदन है। इसमें कुल 435 सदस्य होते हैं और सभी सीटों पर हर दो साल में चुनाव होता है। बहुमत के लिए 218 सीटें जरूरी हैं।
सीनेट: यह संसद का ऊपरी सदन है। इसमें कुल 100 सदस्य होते हैं। प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल छह साल का होता है और हर दो साल में लगभग एक-तिहाई सीटों पर चुनाव कराया जाता है।
मिडटर्म चुनाव क्यों महत्वपूर्ण हैं?
मिडटर्म चुनाव को राष्ट्रपति के कामकाज पर जनता के बीच एक तरह के जनमत संग्रह के रूप में भी देखा जाता है। यदि राष्ट्रपति की पार्टी दोनों सदनों में बहुमत खो देती है, तो उसकी कई शक्तियां कम हो जाती हैं। उसे कानून बनाने, बजट और नीतियों को लागू कराने में विपक्ष का सामना करना पड़ता है।
2026 के चुनाव में डेमोक्रेट्स की जीत से राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल के आखिरी दो वर्षों में अमेरिकी राजनीति का समीकरण बदल गया है। अब कांग्रेस में विपक्ष की मजबूत भूमिका होगी और ट्रंप प्रशासन के फैसलों पर निगरानी तथा जांच का दबाव बढ़ सकता है।

