झुंझुनूं/जयपुर,एआर लाइव न्यूज। राजस्थान के झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी क्षेत्र के छापोली गांव में सोमवार सुबह सड़क निर्माण के दौरान भीषण हादसा हो गया। गिट्टी-बजरी मिलाने वाली कंक्रीट मिक्सर मशीन के 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आने से करंट फैल गया। | Jhunjhunu high tension line Accident
हादसे में 8 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि अन्य मजदूर झुलस गए। घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। नाराज ग्रामीणों ने धरना शुरू कर हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
हाइड्रोलिक जैक बिजली लाइन से टकराया, मशीन में दौड़ा करंट
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा सोमवार सुबह करीब 10 बजे कदम कुंड की ओर जाने वाली सड़क पर हुआ। गांव में जनसहयोग से सड़क निर्माण का काम चल रहा था। इसी दौरान रोड़ी-बजरी मिलाने वाली मशीन का हाइड्रोलिक जैक ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। बिजली का करंट मशीन में फैल गया और आसपास काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
अचानक हुए हादसे में मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
प्रधानमंत्री मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान
हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री भजनलाल ने त्वरित उपचार के निर्देश दिए
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने छापोली हादसे पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को घायलों के त्वरित और बेहतर उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और ऊर्जा मंत्री ने भी घटना को अत्यंत दुखद बताया।
कलेक्टर और एसपी पहुंचे घटनास्थल
हादसे की सूचना मिलने पर झुंझुनूं जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे। विधायक सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
जनसहयोग से बन रही थी सड़क, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
ग्रामीणों के आर्थिक सहायता देने की मांग उठाई है। मुताबिक, गांव में जनसहयोग से पिछले तीन-चार महीनों से सड़क निर्माण का काम चल रहा था। बीच-बीच में काम रुकने के बाद सोमवार को ठेकेदार ने दोबारा काम शुरू किया था।

