मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने देवस्थान विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, मंदिरों की जमीन से अतिक्रमण हटाने पर जोर
जयपुर, एआर लाइव न्यूज। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राज्य के प्रमुख मंदिरों में लाइव दर्शन की सुविधा शुरू करने, मंदिरों की भूमि का योजनाबद्ध विकास करने और तीर्थयात्रियों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों की सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। | Rajasthan Temple Development and Live Darshan
शुक्रवार को शासन सचिवालय में देवस्थान विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने मंदिरों की भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए राजस्व, गृह और देवस्थान विभाग को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों के विकास के साथ-साथ वहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं और देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। | Rajasthan Temple Development and Live Darshan
प्रमुख मंदिरों में लाइव दर्शन की सुविधा होगी शुरू
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राज्य के प्रमुख मंदिरों में लाइव दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में नए मंदिरों की सूची सभी जिला कलेक्टरों के माध्यम से तैयार करवाई जाएगी, जिससे मंदिरों के विकास और व्यवस्थाओं को लेकर योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा सके।
मंदिरों की जमीन से हटेंगे अतिक्रमण
देवस्थान विभाग की समीक्षा बैठक में मंदिरों की भूमि के संरक्षण और विकास को लेकर भी चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने मंदिरों की जमीन से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।
इसके लिए राजस्व विभाग, गृह विभाग और देवस्थान विभाग को आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करने को कहा गया। मंदिरों की भूमि का योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करने और धार्मिक स्थलों की संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन पर भी जोर दिया गया।

ट्रस्टों का पंजीकरण और पुजारियों के रिक्त पद भरने के निर्देश
मुख्य सचिव ने देवस्थान विभाग के अंतर्गत आने वाले मंदिरों और धार्मिक ट्रस्टों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने ट्रस्टों का पंजीकरण प्राथमिकता से करने, पुजारियों के रिक्त पदों को भरने और पुजारी संवर्ग की समीक्षा करने के निर्देश दिए। साथ ही मंदिरों में प्राप्त होने वाली दान राशि के प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि विभागीय कामकाज में किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं होनी चाहिए और सभी व्यवस्थाएं पारदर्शी तरीके से संचालित की जानी चाहिए। राजस्थान में धार्मिक स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में मंदिरों के योजनाबद्ध विकास, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना में 22,265 यात्रियों ने किए दर्शन
देवस्थान विभाग की शासन सचिव शुचि त्यागी ने बैठक में वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक इस योजना के तहत 22,265 यात्रियों को तीर्थयात्रा करवाई जा चुकी है।
इनमें 21 रेलगाड़ियों के माध्यम से 20,591 वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न तीर्थस्थलों की यात्रा करवाई गई, जबकि 1,674 यात्रियों को हवाई मार्ग से पशुपतिनाथ के दर्शन करवाए गए। राज्य सरकार की इस योजना के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को धार्मिक स्थलों की यात्रा और दर्शन की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।
राजस्थान में 936 राजकीय मंदिरों का प्रबंधन करता है देवस्थान विभाग
देवस्थान आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी ने बताया कि देवस्थान विभाग राज्य के 936 राजकीय मंदिरों का प्रबंधन करता है। इसके अतिरिक्त विभाग में 14,447 ट्रस्ट पंजीकृत हैं। उन्होंने ट्रस्टों के पंजीकरण और उनके रिकॉर्ड में बदलाव की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने की प्रस्तावित योजना की जानकारी भी दी। इससे ट्रस्टों से संबंधित प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।
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