निवेश से पहले जांच लें पूरी जानकारी : जानें आम नागरिक को निवेश से पहले क्या ध्यान रखना चाहिए और प्रोजेक्ट Lapsed हो जाए तो क्या करना चाहिए
लकी जैन, उदयपुर, एआर लाइव न्यूज। घर के सपने को पूरा करने या भविष्य को देखते हुए यदि आप प्लॉट या फ्लैट खरीदने का विचार कर रहे हैं तो पैसा लगाने से पहले संबंधित प्रोजेक्ट की राजस्थान रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) की वेबसाइट पर पूरी जानकारी जरूर जांच लें। बीते डेढ़ साल में उदयपुर के 11 रियल एस्टेट प्रोजेक्ट RERA की Lapsed कैटेगरी में दर्ज किए गए हैं।
खासबात यह है कि Lapsed कैटेगरी में दर्ज किए गए प्रोजेक्ट्स में इंदिरा IVF के डायरेक्टर क्षितिज मुर्डिया एवं नितिज मुर्डिया के ‘अजय इंदिरा मुर्डिया नगर C ब्लॉक, C1 ब्लॉक, चिकलवास (बड़गांव), उदयपुर’ जैसे बड़े प्लॉटेड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट भी शामिल हैं। राजस्थान RERA में किसी प्रोजेक्ट का “Lapsed” कैटेगरी में दर्ज होना बिल्डर और निवेशक/अलॉटी—दोनों के लिए चिंताजनक हो सकता है। इसके लिए रेरा एक्सपर्ट यही सलाह देते हैं कि प्रोजेक्ट की रजिस्ट्रेशन, वैलिडिटी, एक्सटेंशन, निर्माण की स्थिति, संबंधित आदेश, अन्य स्वीकृतियों की जांच और RERA वेबसाइट पर प्रोजेक्ट के उपलब्ध रिकॉर्ड की पड़ताल करना जरूरी है।
बीते डेढ़ वर्ष में Lapsed कैटेगरी में आए उदयपुर के ये प्रोजेक्ट:-

RERA में Lapsed का क्या मतलब है?
RERA के तहत किसी प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन एक निर्धारित अवधि के लिए होता है। प्रोजेक्ट के रजिस्ट्रेशन की वैधता समाप्त होने की स्थिति में उसे Lapsed के रूप में दर्ज किया जा सकता है। ऐसे मामलों में यह जांचना जरूरी है कि प्रोजेक्ट को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए कोई एक्सटेंशन मिला था या नहीं और रजिस्ट्रेशन की वर्तमान स्थिति क्या है।
प्रोजेक्ट की प्रस्तावित पूर्णता अवधि, रजिस्ट्रेशन की वैलिडिटी और स्वीकृत एक्सटेंशन की जानकारी प्राधिकरण के रिकॉर्ड में उपलब्ध होती है।
प्रोजेक्ट Lapsed होने पर खरीदारों को संभावित जोखिम क्या हो सकते हैं?
- प्लॉट या फ्लैट का कब्जा मिलने में देरी हो सकती है।
- अधूरे निर्माण या विकास कार्य पूरे होने को लेकर अनिश्चितता रह सकती है।
- प्रोजेक्ट पूरा कराने के लिए अतिरिक्त प्रशासनिक या कानूनी प्रक्रिया की जरूरत पड़ सकती है।
- होम लोन चलने की स्थिति में कब्जा नहीं मिलने के बावजूद EMI का भुगतान जारी रह सकता है।
- रिफंड, ब्याज या मुआवजे के लिए RERA अथवा अन्य सक्षम मंच पर कानूनी उपाय अपनाने पड़ सकते हैं।
- प्रोजेक्ट की जमीन, टाइटल, मंजूरियों या वित्तीय स्थिति में समस्या होने पर विवाद और जटिल हो सकता है।
- प्रोजेक्ट की वास्तविक स्थिति और बाजार की परिस्थितियों के कारण प्रॉपर्टी की बिक्री तथा भविष्य की कीमत प्रभावित हो सकती है।

नागरिक निवेश से पहले CC और OC की भी करें जांच
खरीदार या निवेशक यह जरूर देखें कि संबंधित प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक प्रमाणपत्र जारी हुए हैं या नहीं और उनकी जानकारी आधिकारिक रिकॉर्ड में उपलब्ध है या नहीं।
कम्प्लीशन सर्टिफिकेट (CC): यह प्रोजेक्ट निर्माण स्वीकृत प्लान, लेआउट, संबंधित सक्षम प्राधिकरण द्वारा निर्धारित नियमों और स्वीकृत योजनाओं के अनुरूप पूरा होने की पुष्टि करता है।
ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC): यह संबंधित सक्षम प्राधिकरण द्वारा भवन या उसके संबंधित यूनिट के उपयोग और ऑक्यूपेंसी की अनुमति से जुड़ा प्रमाणपत्र है। यह सर्टिफिकेट भवन यूनिट में आवश्यक सिविक इंफ्रास्ट्रकचर (जैसे पानी, बिजली और सेनिटेशन आदि) सहित निर्धारित नियमों और स्वीकृतियों के अनुसार होता है।
इसके अतिरिक्त खरीदार इन बिंदुओं की भी जांच करें
- प्रोजेक्ट का RERA रजिस्ट्रेशन नंबर और वर्तमान स्टेटस क्या है?
- प्रोजेक्ट की निर्धारित पूर्णता तिथि क्या थी और क्या वैध एक्सटेंशन मिला था?
- RERA की वेबसाइट पर प्रोजेक्ट के संबंध में कोई आदेश, नोटिस या शिकायत संबंधी जानकारी उपलब्ध है?
- भूमि का टाइटल, स्वीकृत लेआउट, निर्माण अनुमति और अन्य आवश्यक मंजूरियां उपलब्ध हैं या नहीं?
- प्लॉटेड डेवलपमेंट के मामले में सड़क, पानी, बिजली, ड्रेनेज और अन्य स्वीकृत विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति क्या है?
- फ्लैट खरीदने की स्थिति में संबंधित भवन के लिए आवश्यक CC और OC उपलब्ध हैं या नहीं?
Lapsed प्रोजेक्ट के खरीदार क्या करें?
RERA से संबंधित मामलों की वकील मोनिका पानेरी के अनुसार, प्रोजेक्ट का Lapsed स्टेटस होने मात्र से खरीदारों के सभी कानूनी अधिकार समाप्त नहीं हो जाते। प्रोजेक्ट में देरी, रिफंड, ब्याज, मुआवजे या अन्य विवादों की स्थिति में खरीदार मामले के तथ्यों और लागू कानून के अनुसार RERA में शिकायत अथवा अन्य उचित कानूनी उपाय अपना सकते हैं।
खरीदारों को सबसे पहले प्रोजेक्ट का आधिकारिक स्टेटस, रजिस्ट्रेशन की वैधता, एक्सटेंशन से जुड़े आदेश और प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति की जानकारी जुटानी चाहिए। इसके बाद भुगतान की रसीदें, आवंटन पत्र, बिल्डर के साथ हुए समझौते, भुगतान का विवरण और अन्य संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए।
यदि प्रोजेक्ट के संबंध में धारा 8 के तहत कोई कार्रवाई शुरू हो चुकी है, तो खरीदारों को संबंधित आदेश और दावे दाखिल करने की प्रक्रिया की जानकारी लेकर समय पर आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
प्रोजेक्ट को Lapsed कैटेगरी में दर्ज करने के बाद RERA क्या कर सकता है?
RERA एक्ट की धारा 8 के अनुसार, किसी प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन Lapse होने या धारा 7 के तहत Revoked होने पर प्राधिकरण शेष विकास कार्य पूरा कराने के लिए उपयुक्त कार्रवाई कर सकता है। इसके लिए सक्षम प्राधिकरण, आवंटियों के एसोसिएशन या किसी अन्य उपयुक्त व्यवस्था के माध्यम से प्रोजेक्ट पूरा कराने पर विचार किया जा सकता है।
राजस्थान RERA के वर्ष 2024 के रेगुलेशंस में धारा 8 के तहत प्रोजेक्ट को अपने नियंत्रण में लेकर आगे की प्रक्रिया संचालित करने के लिए प्रावधान दिए गए हैं। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार साइट का निरीक्षण, उपलब्ध निर्माण और सामग्री की इन्वेंट्री, हितधारकों से दावे आमंत्रित करना तथा प्रमोटर से वित्तीय और परियोजना संबंधी दस्तावेज मांगना शामिल हो सकता है।
हालांकि, केवल Lapsed स्टेटस दर्ज होने से यह नहीं माना जाना चाहिए कि RERA ने प्रोजेक्ट का कब्जा ले लिया है या उसे पूरा कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था शुरू कर दी है। इसके लिए संबंधित प्रोजेक्ट के विशिष्ट आदेश और कार्रवाई की स्थिति देखना जरूरी है।
बिल्डर / प्रोजेक्ट प्रमोटर के लिए क्या हो सकते हैं परिणाम?
प्रोजेक्ट का Lapsed स्टेटस दर्ज होने के बाद प्रमोटर को प्रोजेक्ट की आगे की स्थिति और शेष विकास कार्यों को लेकर नियामकीय प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है।
- प्राधिकरण प्रोजेक्ट के दस्तावेज, निर्माण की स्थिति और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर सकता है।
- धारा 8 के तहत शेष विकास कार्य पूरा कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जा सकता है।
- राजस्थान RERA के 2024 रेगुलेशंस में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार साइट निरीक्षण, इन्वेंट्री, हितधारकों के दावों और प्रमोटर से आवश्यक दस्तावेज लेने का प्रावधान है।
- यदि प्रमोटर के विरुद्ध धारा 7 के तहत रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की कार्रवाई होती है, तो उसके लिए कानून में निर्धारित प्रक्रिया अपनाई जाती है।
- RERA के आदेशों का पालन नहीं करने पर संबंधित प्रावधानों के तहत आर्थिक दंड सहित अन्य कार्रवाई हो सकती है। धारा 63 के तहत आदेश का पालन नहीं करने पर प्रतिदिन जुर्माने का प्रावधान है, जो संबंधित प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत के अधिकतम 5 प्रतिशत तक हो सकता है।
निवेशकों के लिए जरूरी सलाह: केवल रेरा रजिस्ट्रेशन देखकर निवेश न करें। प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति, भूमि का टाइटल, स्वीकृतियां, निर्माण की प्रगति, पूर्णता प्रमाणपत्र और RERA के आदेशों की जांच के बाद ही प्लॉट या फ्लैट खरीदने का निर्णय लें।
डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (7073401584 / 9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

