शहरी सफाई व्यवस्था को लेकर पारस सिंघवी ने ली सफाई ठेकेदारों की बैठक
उदयपुर, एआर लाइव न्यूज। उदयपुर शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। मेयर पारस सिंघवी ने गुरुवार को नगर निगम के सफाई ठेकेदारों की बैठक लेकर स्पष्ट शब्दों में कहा कि सफाई व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इस मामले में किसी की सिफारिश भी नहीं चलेगी। ठेकेदारों को व्यवस्था सुधारने या काम छोड़ने के लिए तैयार रहने की दो टूक चेतावनी दी गई। | Udaipur Mayor Paras Singhvi | latest news udaipur nagar nigam
निगम में शामिल नए क्षेत्रों की सफाई पर विशेष ध्यान
उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) के वे क्षेत्र, जिन्हें हाल ही में नगर निगम में शामिल किया गया है, बैठक का प्रमुख मुद्दा रहे। पारस सिंघवी ने सीसारमा, बड़गांव, बेदला, सुखेर, भुवाणा, अंबेरी, शोभागपुरा, बेडवास, लकड़वास, कलड़वास और तितरड़ी सहित अन्य क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर कचरे के ढेर लगे रहते हैं और कचरा संग्रहण केंद्रों से समय पर कचरा नहीं उठाया जा रहा है। उन्होंने कचरा पॉइंट की नियमित सफाई सुनिश्चित करने और कचरा जलाने की गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि खुले में कचरा जलाने और सफाई व्यवस्था में लापरवाही को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उदयपुर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाना नगर निगम की प्राथमिकता है।
स्वास्थ्य अधिकारी और निरीक्षक करेंगे नियमित मॉनिटरिंग
पारस सिंघवी ने नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी सत्यनारायण शर्मा और स्वास्थ्य निरीक्षक सुभाष चंद्र शर्मा को शहर की सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल रिपोर्ट के आधार पर संतुष्ट न रहें, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में जाकर सफाई कार्य का निरीक्षण करें। जहां भी लापरवाही सामने आए, वहां संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
सफाई ठेकेदारों के बिलों का भुगतान काम की गुणवत्ता के आधार पर होगा
मेयर पारस सिंघवी ने कहा कि सफाई का ठेका लेने के बाद केवल कागजों में काम दिखाना पर्याप्त नहीं है। ठेकेदारों को अपने निर्धारित कार्यक्षेत्र में नियमित सफाई सुनिश्चित करनी होगी और उसका असर मौके पर दिखाई देना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम अब सफाई कार्य की गुणवत्ता के आधार पर ही ठेकेदारों के बिलों के भुगतान पर निर्णय लेगा। जिन क्षेत्रों में सफाई संतोषजनक नहीं मिलेगी, वहां संबंधित ठेकेदार के भुगतान पर रोक लगाई जा सकती है। किसी भी ठेकेदार की सिफारिश पर लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है।
बैठक के दौरान मेयर ने नगर निगम परिसर यानी टाउनहॉल स्थित नेहरू बाल उद्यान स्थित होज की तस्वीरें मंगवाकर सफाई ठेकेदारों को दिखाईं। इन तस्वीरों के माध्यम से उन्होंने बताया कि शहर की वास्तविक सफाई व्यवस्था का आकलन मौके पर दिखाई देने वाले काम से किया जाना चाहिए, न कि केवल कागजी रिपोर्ट के आधार पर।
कम दर पर टेंडर लेकर सफाई में लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई
सिंघवी ने उन ठेकेदारों को भी चेतावनी दी, जो कम दर पर टेंडर लेने के बाद अपेक्षित स्तर पर सफाई कार्य नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ठेका लेने के बाद निर्धारित जिम्मेदारी निभाना जरूरी है। यदि सफाई कार्य में लगातार लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जा सकता है।
इसके अलावा भुगतान रोकने और आवश्यकता पड़ने पर ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। नगर निगम का उद्देश्य ठेकेदारों का भुगतान काटना नहीं, बल्कि उदयपुर शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाना है। ठेकेदारों को यह समझना होगा कि केवल भुगतान कटने की आशंका से वे अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।
झीलों की सफाई और सौंदर्यीकरण पर जोर
उदयपुर की पहचान उसकी झीलों से भी जुड़ी है। इसे ध्यान में रखते हुए सिंघवी ने झीलों के किनारों और आसपास के सार्वजनिक स्थलों पर सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के निर्देश दिए। संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों से झीलों के आसपास नियमित सफाई सुनिश्चित करने तथा गंदगी मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा। झीलों की स्वच्छता और सौंदर्य बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी पर भी जोर दिया गया।
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