कोर्ट ने कहा- अपराध माफी के लायक नहीं
एआर लाइव न्यूज। नीला ड्रम हत्याकांड के नाम से चर्चित हुए मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में जिला अदालत ने बुधवार को पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई है। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने दोनों को हत्या, साक्ष्य मिटाने और सबूत छिपाने का दोषी माना। | Meerut Neela Drum Murder Case
अदालत ने केस में फैसला सुनाते हुए वारदात को बेहद क्रूरतम कृत्य करार देते हुए कहा कि इस तरह के अपराध का समाज पर गहरा और नकारात्मक असर पड़ता है। कोर्ट के मुताबिक दोनों का अपराध किसी भी कीमत पर माफी के लायक नहीं है और दोषियों को ऐसी सख्त सजा मिलनी चाहिए, जो नजीर बने।
अचानक किसी उकसावे में नहीं, सोच-समझकर की गयी थी वारदात
बुधवार को मुस्कान और साहिल की वर्चुअल माध्यम से कोर्ट में पेशी हुई। सजा पर बहस के दौरान वादी पक्ष के अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह ने अदालत के सामने कहा कि हत्या का तरीका बेहद क्रूरतम था। यह हत्या अचानक उकसावे में आकर नहीं की गई, बल्कि सोच-समझकर वारदात को अंजाम दिया गया। हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और मृतक सौरभ का सिर आरोपी साहिल अपने घर तक लेकर गया था।
अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट के एक मामले का हवाला देते हुए दोनों आरोपियों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी।
इस मामले में करीब 13 से 16 महीनों तक सुनवाई चली। इस दौरान अदालत में कुल 126 पेशियां हुईं। अभियोजन पक्ष ने 22 अहम गवाह पेश किए। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को हत्या के साथ-साथ साक्ष्य मिटाने और सबूत छिपाने का भी दोषी माना।
मार्च 2025 में हुई थी सौरभ की हत्या
मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में मार्च 2025 में मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शव के कई टुकड़े किए गए और उन्हें सीमेंट के घोल के साथ नीले ड्रम में भर दिया गया था।
वारदात के बाद मुस्कान ने घर पर ताला लगाया और प्रेमी साहिल के साथ करीब दस दिन के लिए हिमाचल चली गई थी। मामला सामने आने के बाद यह वारदात पूरे देश में चर्चित हुई थी।

