नारायण सेवा संस्थान में श्रीमद् देवी भागवत कथा के दूसरे दिन देवी के विभिन्न स्वरूपों का वर्णन
उदयपुर, एआर लाइव न्यूज। नारायण सेवा संस्थान के सेवातीर्थ स्थित वर्ल्ड ऑफ ह्यूमैनिटी में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा एवं ‘अपनों से अपनी बात’ कार्यक्रम के दूसरे दिन देवी भगवती की महिमा और विभिन्न पौराणिक प्रसंगों का वर्णन किया गया। कथा में भक्ति, तप, संयम, करुणा और परोपकार का संदेश दिया गया। | Prashant Agarwal Devi Bhagwat Katha
देवी के स्वरूपों से मिली प्रेरणा
कथा में भगवान हयग्रीव, मधु-कैटभ वध और मां भुवनेश्वरी के दिव्य स्वरूप का वर्णन किया गया। मां शाकंभरी के प्रसंग के माध्यम से जरूरतमंदों की सहायता और भूखों को भोजन कराने की प्रेरणा दी गई। वहीं, मां ब्रह्मचारिणी और मां पार्वती के प्रसंगों से तप, साधना, दृढ़ संकल्प और अहंकार त्यागने का संदेश दिया गया।
मानव सेवा भी सच्ची भक्ति
नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि मां की भक्ति, तप, साधना और दृढ़ संकल्प से अहंकार दूर होता है। सच्ची भक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि दूसरों के दुख समझने और जरूरतमंदों की सहायता करने में भी निहित है।
उन्होंने दिव्यांगजनों को उपचार, कृत्रिम अंग, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया। कथा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर देवी भागवत का श्रवण किया।

