उदयपुर, एआर लाइव न्यूज। पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच), उदयपुर में कॉर्डियक थोरेसिक सर्जरी और क्रिटिकल केयर विभाग के विशेषज्ञों ने एक दुर्लभ और जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। | PMCH Udaipur lung cyst surgery
कॉर्डियक थोरेसिक एवं वॉस्कुलर सर्जन डॉ. अनुज मेहता और उनकी टीम ने निश्चेतना विभाग के हेड एवं कार्डियक एनेस्थिसियोलॉजिस्ट डॉ. समीर गोयल की टीम के साथ करीब 10 से 11 घंटे चले ऑपरेशन में मरीज के फेफड़े से 1500 से 2000 सिस्ट्स निकालने में सफलता हासिल की।
सांस लेने में थी भारी परेशानी, सीटी स्कैन में दिखा सिस्ट्स का गुच्छा
40 वर्षीय मरीज को परिजन गंभीर अवस्था में पेसिफिक हॉस्पिटल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे थे। मरीज को सांस लेने में भारी परेशानी और लगातार खांसी की शिकायत थी। जांच और सीटी स्कैन में फेफड़े के भीतर विशाल गुच्छे के रूप में सिस्ट्स का अंबार दिखाई दिया।
सिस्ट्स की अत्यधिक संख्या के कारण फेफड़े की कार्यक्षमता लगभग समाप्त होने की कगार पर पहुंच गई थी। संक्रमण का खतरा बना हुआ था। मरीज की स्थिति को देखते हुए तत्काल सर्जरी का निर्णय लिया गया।
मरीज के मेडिकल हिस्ट्री के अनुसार, 12 वर्ष की उम्र में उसकी एक किडनी निकालने की सर्जरी हो चुकी थी। मौजूदा स्थिति में फेफड़े में बड़ी संख्या में सिस्ट्स की मौजूदगी ने सर्जरी को और चुनौतीपूर्ण बना दिया था।
11 घंटे तक सिंगल-लंग वेंटिलेशन सबसे बड़ी चुनौती
ऑपरेशन के दौरान सबसे बड़ी चुनौती मरीज को करीब 11 घंटे तक सिंगल-लंग वेंटिलेशन पर स्थिर रखना था। निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. समीर गोयल और उनकी टीम ने लगातार और सटीक मॉनिटरिंग के जरिए इस चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया को संभाला।
डॉ. अनुज मेहता के अनुसार, किसी मरीज को लगातार 11 घंटे तक सिंगल-लंग वेंटिलेशन पर एनेस्थीसिया में रखना मेडिकल दृष्टि से बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। टीम ने इस प्रक्रिया को पूरी कुशलता से नियंत्रित किया।
एक-एक कर निकाली गईं सिस्ट्स
डॉ. अनुज मेहता और उनकी टीम ने माइक्रो-सर्जिकल उपकरणों की मदद से सिस्ट्स को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला। सर्जरी के दूसरे दिन पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. सुनील कुमार और उनकी टीम ने ब्रोंकोस्कोपी की। इससे फेफड़े को पूरी तरह फैलने में मदद मिली।
दावा: पिछले आंकड़ों से कहीं अधिक सिस्ट्स निकाली गईं
डॉ. मेहता ने बताया कि उपलब्ध वैश्विक चिकित्सा साहित्य के अनुसार, इससे पहले किसी मरीज के फेफड़ों से अधिकतम करीब 200 सिस्ट्स निकालने के मामले दर्ज हुए हैं। पीएमसीएच में निकाली गई 2,000 से अधिक सिस्ट्स पूर्व के आंकड़ों से कहीं अधिक हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉक्यूमेंटेड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत साक्ष्य, पैथोलॉजिकल रिपोर्ट, वीडियोग्राफी और मेडिकल बोर्ड का प्रमाणीकरण ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ और ‘लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ को भेजा जाएगा।
पीएमसीएच प्रबंधन ने टीम को दी बधाई
पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के चेयरमैन राहुल अग्रवाल और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अमन अग्रवाल ने डॉ. अनुज मेहता, डॉ. समीर गोयल, सीटीवीएस टीम और पूरे आईसीयू व नर्सिंग स्टाफ को इस सफलता पर बधाई दी।

