जयपुर,एआर लाइव न्यूज। जयपुर पुलिस ने पुराने नोट और सिक्कों के बदले लाखों रुपये दिलाने का झांसा देकर कथित साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में दो महिलाओं समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह के कब्जे से दो बंधक बनाए गए लोगों को भी मुक्त कराया। | Jaipur Cyber Fraud
जयपुर उत्तर के पुलिस उपायुक्त करण शर्मा के अनुसार, जयसिंहपुरा खोर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के पास से 14 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक स्कॉर्पियो, एयरटेल डोंगल और लेन-देन का हिसाब रखने वाली डायरी बरामद की है। |Jaipur Cyber Fraud प्रारंभिक जांच में गिरोह के तार राजस्थान के अलावा तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक सहित अन्य राज्यों से जुड़े होने की बात सामने आई है।
फेसबुक पर पुराने नोटों की तस्वीरें डालकर बनाते थे शिकार
पुलिस के मुताबिक, आरोपी फेसबुक पर ‘OLD INDIAN CURRENCY’ नाम से पुराने एक, दो और पांच रुपये के नोटों और सिक्कों की तस्वीरें व रील पोस्ट करते थे। इन पुराने नोट-सिक्कों की कीमत दो लाख से 20 लाख रुपये तक बताई जाती थी।
इन पोस्ट के जरिए संपर्क करने वाले लोगों से पहले रजिस्ट्रेशन के नाम पर 1,500 रुपये लिए जाते थे। इसके बाद पुराने नोट या सिक्के की कथित कीमत के बराबर नकदी का बंडल दिखाते हुए वीडियो भेजा जाता था।
GST के नाम पर QR कोड से मांगते थे पैसे
पुलिस के अनुसार, ग्राहक को पार्सल भेजने के नाम पर कथित तौर पर 18 प्रतिशत GST जमा करने के लिए QR कोड भेजा जाता था। इसके बाद आरोपी अलग-अलग बहाने बनाकर पीड़ित से लगातार रकम मांगते थे।
जब पीड़ित आगे भुगतान करने से इनकार करता था, तो कथित तौर पर पैसे ऐंठने का सिलसिला रोक दिया जाता था।
ज्यादा पुराने नोट रखने वालों को जयपुर बुलाते थे
पुलिस ने बताया कि जिन लोगों के पास बड़ी संख्या में पुराने नोट होते थे, उन्हें आरोपी राजस्थान या अन्य स्थानों पर बुलाते थे। इसके बाद GST या अन्य शुल्क के नाम पर उनसे बड़ी रकम लेकर आने के लिए कहा जाता था।
पुलिस के अनुसार, रकम नहीं देने पर कुछ लोगों को कथित तौर पर बंधक बनाकर उनके परिजनों से भी पैसे की मांग की जाती थी।
स्कॉर्पियो में दो लोगों को बनाया था बंधक
पुलिस को जयपुर के नाई की थड़ी इलाके में एक मकान में गिरोह के सदस्यों के ठहरने की सूचना मिली थी। निगरानी के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि दो लोगों को एक स्कॉर्पियो में हाथ बांधकर बंधक बनाया गया है और उनके परिजनों से लाखों रुपये की मांग की जा रही है।
इसके बाद पुलिस टीम ने रात में कार्रवाई करते हुए दोनों बंधकों को मुक्त कराया और मौके से आरोपियों को गिरफ्तार किया।
तमिल भाषा बोलने वाले लोगों को गिरोह में रखा
जांच में सामने आया कि गिरोह में तमिल भाषा बोलने वाले पुरुषों और महिलाओं को भी रखा गया था। पुलिस के मुताबिक, ये लोग तमिलनाडु और केरल के संभावित पीड़ितों से उनकी भाषा में बातचीत कर उनका भरोसा जीतते थे।
आठ आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में जफरुद्दीन उर्फ जफरु, शिवारमन जी, श्रीनाथ, मुबारिक, साजिद खान, मोहम्मद मिशाल, जयलक्ष्मी और फहमिदा बानो को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और कथित साइबर ठगी के नेटवर्क की जानकारी जुटाने के लिए आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
