नारायण सेवा संस्थान के 47वें दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह समारोह में 100 वर-वधू ने लिए सात फेरे
उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। नारायण सेवा संस्थान के सेवा महातीर्थ, बड़ी में आयोजित 47वें दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह समारोह में 50 जोड़े विवाह बंधन में बंध गए। दो दिवसीय समारोह के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए 100 वर-वधू ने वैदिक मंत्रोच्चार, मंगल गीत और आशीर्वाद के बीच सात फेरे लिए।
शादी समारोह इतने भव्य अंदाज में हुआ कि कई वधुओं की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े, वे बोलीं कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि उनका विवाह इतनी धूमधाम से होगा।
इलाज से लेकर विवाह तक मिला सहयोग
इनमें कई ऐसे युवक-युवतियां शामिल रहे, जिनका नारायण सेवा संस्थान में उपचार, ऑपरेशन, कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण, सहायक उपकरण या कौशल प्रशिक्षण हुआ था। कभी पुनर्वास के लिए संस्थान पहुंचे ये लोग अब वहीं से जीवनसाथी का हाथ थामकर नई गृहस्थी की ओर रवाना हुए।
संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि दिव्यांगजनों को दया नहीं, बल्कि सम्मान, अवसर और सुरक्षित भविष्य की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि पिछले 22 वर्षों में संस्थान के माध्यम से 2,582 दिव्यांग युवक-युवतियों के विवाह संपन्न कराए जा चुके हैं।
समारोह में जोधपुर के स्वतंत्रता सेनानी परिवार की सुशीला परिहार को करुणा भाव और सेवा भावना के लिए सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर यश मेहता, पलक अग्रवाल, निदेशक वंदना अग्रवाल और सहसंस्थापिका कमला देवी अग्रवाल मौजूद रहे। संस्थापक पद्मश्री कैलाश मानव ने विवाह बंधन में बंधे जोड़ों को आशीर्वाद दिया।
नवदंपतियों को गृहस्थी का सामान
विवाह के बाद नवदंपतियों को घर बसाने के लिए पलंग, गद्दा, बिस्तर, अलमारी, गैस चूल्हा-सिलेंडर, किचन सेट, पंखा, सिलाई मशीन और अन्य आवश्यक सामग्री प्रदान की गई। जरूरत के अनुसार व्हीलचेयर व सहायक उपकरण भी दिए गए।

दो जोड़ों ने साझा की नई जिंदगी की शुरुआत
प्रतापगढ़ के नारायण लाल मीणा और मीरा कुमारी मीणा दोनों दिव्यांग हैं। पारिवारिक सहमति और संस्थान के सहयोग से दोनों विवाह बंधन में बंधे। इसी तरह बांसवाड़ा के गौतम लाल मैदा और धूली कुमारी ने भी अपनी शारीरिक चुनौतियों के बावजूद साथ जीवन बिताने का संकल्प लिया।


