उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। नारायण सेवा संस्थान के बड़ी स्थित परिसर में 19 और 20 सितंबर को 47वां दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से चयनित 102 युवक-युवतियां 51 जोड़ों के रूप में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लेकर गृहस्थ जीवन की शुरुआत करेंगे। | Narayan Seva Sansthan mass marriage 2026
शुक्रवार को समारोह का लोगो संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल, निदेशक पलक अग्रवाल, मीडिया प्रभारी विष्णु शर्मा हितैषी और जनसम्पर्क प्रमुख भगवान प्रसाद गौड़ ने जारी किया।
उपचार से आत्मनिर्भरता और अब परिवार की शुरुआत
समारोह में शामिल होने वाले कई वर-वधू ऐसे हैं, जिनका नारायण सेवा संस्थान में निःशुल्क ऑपरेशन, कृत्रिम अंग या सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के साथ कौशल प्रशिक्षण भी हुआ। किसी ने चलने की क्षमता हासिल की तो किसी ने अपने हाथों से काम करने का अवसर पाया। अब यही लाभार्थी विवाह के जरिए जीवन का नया अध्याय शुरू करेंगे।
संस्थान के अनुसार, दिव्यांगता के साथ आर्थिक अभाव और सामाजिक पूर्वाग्रह के कारण विवाह की राह कठिन हो जाती है। ऐसे में संस्थान ने सामूहिक विवाह को पुनर्वास, रोजगार और परिवार निर्माण से जोड़ने की पहल की है।
22 वर्षों में 2,582 दिव्यांग युवक-युवतियों के विवाह
संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल के अनुसार, पिछले 22 वर्षों में 2,582 दिव्यांग युवक-युवतियों के विवाह संपन्न कराए जा चुके हैं। उनका कहना है कि दिव्यांगजनों को दया का पात्र नहीं, बल्कि सम्मान और अवसर का अधिकारी मानना इस पहल का उद्देश्य है।
नवदंपतियों को गृहस्थी का सामान भी मिलेगा
विवाह के बाद नवदंपतियों को गृहस्थी बसाने के लिए पलंग, गद्दा, तकिए, कंबल, चादर, अलमारी, गैस चूल्हा-सिलेंडर, किचन सेट, प्रेशर कुकर, तवा-कढ़ाई, पंखा, सिलाई मशीन और ट्रॉली बैग सहित आवश्यक सामग्री दी जाएगी। जरूरत के अनुसार व्हीलचेयर और अन्य सहायक उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
दो दिवसीय आयोजन में हल्दी-मेहंदी की रस्मों के साथ वैदिक विवाह, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। देश-विदेश से अतिथि, संत-महात्मा, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि और दानदाता नवदंपतियों को आशीर्वाद देने पहुंचेंगे।
यह आयोजन दिव्यांगता से आगे बढ़कर आत्मनिर्भरता और पारिवारिक जीवन की संभावनाओं को सामने लाने का प्रयास है। 19 सितंबर को हल्दी और मेहंदी की रस्मों के बाद 20 सितंबर को 51 जोड़े विवाह मंडप में सात फेरे लेंगे।

