उदयपुर। गीतांजलि हॉस्पिटल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में पिछले एक वर्ष के दौरान सिर एवं गर्दन तथा हाथ-पैरों से जुड़े जटिल मामलों में कई फ्री-फ्लैप रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी की गईं। अस्पताल के अनुसार, इन प्रक्रियाओं के बाद मरीजों में संतोषजनक क्लिनिकल परिणाम मिले हैं। | Free Flap Reconstructive Surgery in Geetanjali Hospital Udaipur
इन सर्जरी को विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. आशुतोष सोनी के मार्गदर्शन में प्रोफेसर डॉ. आशिष सिंघल ने किया। विभाग में होंठ, जीभ, गाल और जबड़े से जुड़े दोषों के अलावा हाथ-पैरों के जटिल सॉफ्ट-टिश्यू डिफेक्ट्स के पुनर्निर्माण के मामले भी शामिल रहे।
फ्री-फ्लैप रिकंस्ट्रक्शन माइक्रोसर्जिकल तकनीक है
फ्री-फ्लैप रिकंस्ट्रक्शन माइक्रोसर्जिकल तकनीक है, जिसमें शरीर के एक हिस्से से टिश्यू को उसकी रक्त वाहिकाओं के साथ निकालकर दूसरे हिस्से में लगाया जाता है। इसके बाद माइक्रोसर्जरी के जरिए रक्त वाहिकाओं को जोड़कर नए स्थान पर रक्त प्रवाह स्थापित किया जाता है।
सिर एवं गर्दन के कैंसर के बाद होने वाले दोषों में इस तकनीक का उपयोग किया जाता है। ऐसे मामलों में जीभ, गाल, होंठ और जबड़े के पुनर्निर्माण के साथ बोलने, निगलने और चबाने जैसी कार्यक्षमताओं को बनाए रखने का प्रयास किया जाता है।
विभाग में ट्रॉमा, हाथ की सर्जरी, कैंसर के बाद पुनर्निर्माण, मैक्सिलोफेशियल सर्जरी और बर्न सर्जरी सहित विभिन्न रिकंस्ट्रक्टिव प्रक्रियाएं भी की जाती हैं।

