रूट कैनाल ट्रीटमेंट में लेजर और अल्ट्रासोनिक तकनीक के प्रभाव पर किया अंतरराष्ट्रीय मंच पर पत्र वाचन
उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। पेसिफिक डेंटल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर, भीलों का बेदला के कंजरवेटिव डेंटिस्ट्री एवं एंडोडॉन्टिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र लोहार ने ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में आयोजित प्रतिष्ठित वर्ल्ड एंडोडॉन्टिक कांग्रेस 2026 में अपने शोध पत्र का प्रस्तुतिकरण कर उदयपुर और संस्थान का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया।
सिडनी स्थित इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में 27 से 30 अगस्त 2026 तक आयोजित चार दिवसीय विश्वस्तरीय सम्मेलन में एंडोडॉन्टिक्स, दंत चिकित्सा अनुसंधान, अकादमिक क्षेत्र और आधुनिक क्लिनिकल प्रैक्टिस से जुड़े दुनिया भर के विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया।
डॉ. जितेंद्र लोहार ने अपने शोध पत्र में रूट कैनाल ट्रीटमेंट में लेजर एवं अल्ट्रासोनिक तकनीक के उपयोग और उसके प्रभाव पर विस्तार से जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि रूट कैनाल की सफाई के लिए उपयोग किए जाने वाले सोडियम हाइपोक्लोराइट घोल को अल्ट्रासोनिक तरंगों और आधुनिक डायोड लेजर तकनीक से सक्रिय करने पर बैक्टीरिया को समाप्त करने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की आधुनिक तकनीकों पर आधारित शोध भविष्य में रूट कैनाल उपचार को अधिक सटीक, सुरक्षित और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इससे दोबारा संक्रमण की संभावना को कम करने और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में भी नई संभावनाएं विकसित होंगी।
डॉ. लोहार ने कहा कि वर्ल्ड एंडोडॉन्टिक कांग्रेस जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना शोध साझा करना और विश्व के शीर्ष दंत विशेषज्ञों के साथ वैज्ञानिक संवाद करना अत्यंत प्रेरणादायक अनुभव रहा। ऐसे वैश्विक आयोजनों से नवीनतम तकनीकों और वैज्ञानिक शोध को समझने तथा उन्हें क्लिनिकल प्रैक्टिस में अपनाने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक दंत चिकित्सा तकनीकों के निरंतर विकास से मरीजों को भविष्य में और अधिक उन्नत एवं विश्वस्तरीय उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

