2.83 करोड़ की प्रारंभिक कर देयता चिन्हित, 2.06 करोड़ रुपए स्वेच्छा से जमा
जयपुर। एआर लाइव न्यूज। राजस्थान वाणिज्यिक कर विभाग ने 14 से 19 अगस्त 2026 के बीच कर चोरी और अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के खिलाफ राज्यभर में सघन प्रवर्तन अभियान चलाया। खैरथल, अलवर, धौलपुर, चित्तौड़गढ़, सांगड़िया, श्रीगंगानगर, सवाई माधोपुर, नीमराना/कोटपूतली-बहरोड़ और भिवाड़ी सहित कई स्थानों पर सर्वे और तलाशी की कार्रवाई की गई। | Commercial Taxes Department Survey
विभाग के अनुसार, इन कार्रवाइयों में विभिन्न मामलों में करीब 2.83 करोड़ रुपए की प्रारंभिक कर देयता या राजस्व प्रभाव चिन्हित किया गया। कार्रवाई के दौरान संबंधित करदाताओं ने करीब 2.06 करोड़ रुपए स्वेच्छा से जमा या रिवर्स किए। इसमें नियमानुसार कर, ब्याज और दंड से जुड़े भुगतान शामिल हैं। | Commercial Taxes Department Survey
किन क्षेत्रों में हुई कार्रवाई?
वाणिज्यिक कर विभाग की कार्रवाई मुख्य रूप से खाद्य तेल, विनिर्माण, परिवहन, होटल एवं आतिथ्य, प्रिंटिंग और औद्योगिक सेवाओं से जुड़े कारोबारों में की गई। विभाग ने खरीद-बिक्री रिकॉर्ड, स्टॉक, उत्पादन, लेखा अभिलेख और ITC दावों का सत्यापन किया।
चित्तौड़गढ़: होटल कारोबारी पर करीब 32 लाख की अपात्र ITC : अपात्र ITC के मामलों में विभाग की कार्रवाई :
वाणिज्यिक कर विभाग के अनुसार चित्तौड़गढ़ में होटल व्यवसाय से जुड़ी मेवाड़ इन्फ्रा डेवलपर्स एलएलपी के मामले में करीब 32 लाख रुपए की अपात्र ITC सामने आई। कार्रवाई के दौरान करदाता ने करीब 31.90 लाख रुपए स्वेच्छा से रिवर्स किए।
फर्जी और गैर-मौजूद फर्मों से ITC लेने के मामले खैरथल: ऑयल मिल में करीब 20 लाख की संदिग्ध ITC
खैरथल स्थित रामचंद्र राम निवास ऑयल मिल्स, जो सरसों और सरसों तेल के कारोबार से जुड़ी है, के मामले में ऐसी फर्म से करीब 20 लाख रुपए की ITC प्राप्त करने का मामला सामने आया, जो जांच के दौरान अस्तित्व में नहीं पाई गई। कार्रवाई के दौरान फर्म ने करीब 19.05 लाख रुपए स्वेच्छा से जमा किए। भौतिक स्टॉक सत्यापन में भी अंतर पाया गया है और मामले की आगे जांच जारी है।
अलवर: आर आर ऑयल एंड फैट्स पर कार्रवाई
अलवर के एग्रो फूड पार्क, मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र स्थित आर.आर. ऑयल एंड फैट्स प्राइवेट लिमिटेड के मामले में करीब 15 लाख रुपए की ITC ऐसी गैर-मौजूद फर्म से प्राप्त करने की बात सामने आई। कार्रवाई के दौरान करदाता ने करीब 14.85 लाख रुपए स्वेच्छा से जमा किए। स्टॉक के भौतिक सत्यापन में भी अंतर पाया गया।
नीमराना: निर्माण और वर्क कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ी ITC की जांच
नीमराना के रीको औद्योगिक क्षेत्र स्थित कमल सीईडी सॉल्यूशंस एलएलपी के मामले में निर्माण एवं वर्क कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े खर्चों पर अपात्र ITC लेने का मामला सामने आया।
इस मामले में करीब 20.51 लाख रुपए की राशि शामिल थी, जिसे कार्रवाई के दौरान करदाता ने स्वेच्छा से जमा किया। मामले की आगे जांच जारी है।
भिवाड़ी: विरगो ग्राफिक्स में ITC की जांच
भिवाड़ी स्थित विरगो ग्राफिक्स प्राइवेट लिमिटेड के मामले में भी अपात्र ITC से संबंधित अनियमितता सामने आई। प्रारंभिक रूप से करीब 50 लाख रुपए की ITC की जांच की गई।
कार्रवाई के दौरान करदाता ने कुल करीब 74.15 लाख रुपए स्वेच्छा से जमा किए। मामले में आगे की जांच जारी है।
श्रीगंगानगर: सीमेंट टाइल्स उत्पादन में अंतर : स्टॉक और उत्पादन में अंतर से कर चोरी की आशंका
श्रीगंगानगर स्थित श्री टायल इंडस्ट्रीज में भौतिक स्टॉक और खरीद अभिलेखों की जांच के दौरान खरीदे गए सीमेंट की मात्रा तथा उससे तैयार होने वाली टाइल्स के घोषित उत्पादन में महत्वपूर्ण अंतर पाया गया। प्रारंभिक जांच में उत्पादन कम दिखाकर बिक्री और कर देयता कम दर्शाए जाने की आशंका सामने आई। मामले में करीब 22 लाख रुपए की संभावित कर देयता चिन्हित की गई और करदाता ने 15 लाख रुपए स्वेच्छा से जमा किए।
धौलपुर: ITC दावे में 82.79 लाख रुपए का अंतर
धौलपुर स्थित यादव इलेक्ट्रिकल्स के मामले में विभिन्न वित्तीय वर्षों में दावा की गई ITC में करीब 82.79 लाख रुपए का अंतर पाया गया। प्रारंभिक रूप से करीब 19.73 लाख रुपए की संभावित कर देयता चिन्हित की गई है। फर्म अपने घोषित व्यावसायिक परिसर पर संचालित पाई गई और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
सांगड़िया: 100 प्रतिशत ITC दावे की जांच
हनुमानगढ़ के सांगड़िया स्थित वीर चंद एंड संस, जो फावड़े और अन्य कृषि उपकरणों के कारोबार से जुड़ी है, के मामले में 100 प्रतिशत ITC के दावे से संबंधित अनियमितता सामने आई। कार्रवाई के दौरान करदाता ने करीब 10.08 लाख रुपए स्वेच्छा से जमा किए।
परिवहन क्षेत्र में भी वाणिज्यिक कर विभाग की कार्रवाई
सवाई माधोपुर में अंबिका बल्क कैरियर के मामले में करीब 78.59 लाख रुपए की ITC की पुष्टि और पात्रता की जांच की गई। प्रारंभिक रूप से करीब 78.58 लाख रुपए का संभावित कर प्रभाव चिन्हित किया गया। कार्रवाई के दौरान करदाता ने 10 लाख रुपए स्वेच्छा से जमा किए। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
विभाग विशेष रूप से इन पहलुओं की जांच कर रहा है :
- फर्जी या गैर-मौजूद फर्मों से प्राप्त ITC
- अपात्र ITC का दावा
- खरीद और बिक्री रिकॉर्ड में अंतर
- भौतिक स्टॉक और रिकॉर्ड में अंतर
- उत्पादन और बिक्री में संभावित विसंगति
- कर देयता कम दर्शाने के संभावित मामले
- ITC की पात्रता और वास्तविकता
- लेखा अभिलेखों और GST विवरणों का मिलान
- करदाताओं के लिए विभाग की सलाह
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