सदन में विपक्ष की गैर मौजूदगी पर देवनानी ने जताई पीड़ा : राजस्थान विधानसभा के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ
जयपुर,एआर लाइव न्यूज। सोलहवीं राजस्थान विधानसभा का षष्ठम सत्र गुरुवार को शुरू हुआ। सत्र के पहले दिन दिवंगत पूर्व राज्यपाल, पूर्व मुख्यमंत्रियों, पूर्व सांसदों और पूर्व विधायकों के निधन पर शोक प्रस्ताव पेश कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वहीं, सरकारी स्कूलों की बदहाली और शिक्षा विभाग के हालिया आदेश को लेकर कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। | Rajasthan Assembly Session 2026 | latest news rajasthan vidhan sabha | Rajasthan Assembly
सरकारी स्कूलों की बदहाली पर कांग्रेस का पैदल मार्च
कांग्रेस विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में जयपुर के त्रिमूर्ति सर्किल से विधानसभा तक पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी विधायक विधानसभा के पश्चिमी द्वार के बाहर धरने पर बैठे। | latest news rajasthan vidhan sabha Congress protest in Jaipur | Rajasthan Assembly
कांग्रेस ने सरकारी स्कूलों की खराब स्थिति के साथ-साथ स्कूल परिसरों में मीडिया और आमजन की एंट्री तथा फोटो-वीडियोग्राफी को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश का विरोध किया।
टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि सरकार सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति छिपाना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सदन में शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा चाहती है, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर चर्चा से बच रही है। जूली ने शिक्षा विभाग के आदेश को “काला कानून” बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। | government schools rajastrhan and education department restrictions
सचिन पायलट बोले- व्यवस्था सुधारने के बजाय सच्चाई छिपाई जा रही
धरना स्थल पर पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के बजाय सरकार सच्चाई को सामने आने से रोकने के लिए प्रतिबंधों का सहारा ले रही है।
पायलट ने कहा कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उनके मुताबिक स्कूलों की फोटो और वीडियो बाहर नहीं जाएं, इस पर ध्यान देने के बजाय सरकार को स्कूलों की व्यवस्थाओं और बुनियादी सुविधाओं में सुधार करना चाहिए।
देवनानी ने विपक्ष की खाली कुर्सियों पर जताई पीड़ा
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विपक्ष की गैरमौजूदगी का मुद्दा भी उठा। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विपक्ष की खाली कुर्सियों को लेकर कहा कि उन्हें यह देखकर पीड़ा होती है।
देवनानी ने सभी सदस्यों से सदन की कार्यवाही में शामिल होने और अपने मुद्दे सदन के भीतर रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में जनता से जुड़े विषयों पर चर्चा के लिए सभी सदस्यों की भागीदारी जरूरी है। | राजस्थान विधानसभा के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब सत्र के प्रथम दिन शोकाभिव्यक्ति सदन में प्रतिपक्ष के सदस्य मौजूद नहीं थे। देवनानी ने कहा कि प्रतिपक्ष का पूरा सम्मान है। Rajasthan Assembly Session 2026
विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में बताया कि प्रारंभ में यह विषय था कि प्रतिपक्ष के विधायक गेट नंबर छह से मिलकर सदन में आएंगे। व्यवस्था के अनुसार सभी सदस्यों को गेट नंबर सात से प्रवेश करना होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई विधायक पैदल आते है तो वे गेट नंबर छह से एक.एक करके आ सकते है।
सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए एक एक विधायक को प्रवेश करने का अनुरोध किया गया था। इसके बावजूद प्रतिपक्ष के सदस्यों का सदन में नहीं आनाए यह स्थिति ठीक नहीं हैं। देवनानी ने कहा कि उन्हें मार्शल ने अवगत कराया कि गेट नंबर छह से प्रवेश के दौरान पिछली बार अन्य लोग भी बीच में सम्मिलित हो गए थे, जिससे विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रश्न खड़े हुए थे।
वहीं, संसदीय कार्य मंत्री जोगेश्वर गर्ग ने विपक्ष के सदस्यों की अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना किसी कारण और पूर्व सूचना के सदन में अनुपस्थित रहना उचित नहीं है।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर सियासत तेज
राजस्थान विधानसभा के षष्ठम सत्र की शुरुआत के साथ ही शिक्षा व्यवस्था को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव देखने को मिला। कांग्रेस ने जहां सरकारी स्कूलों की स्थिति और शिक्षा विभाग के आदेश को मुद्दा बनाया, वहीं विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष से सदन की कार्यवाही में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने की अपील की।
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