डॉ. अरविंदर सिंह के नेतृत्व में सार्वजनिक स्थलों की सुगम्यता का मुद्दा यूडीए के समक्ष उठा
उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी उदयपुर को दिव्यांगजनों के लिए भी पूरी तरह सुगम और समावेशी बनाने की दिशा में पैनेशिया डिसेबिलिटी राइट्स एक्टिविस्ट्स ने महत्वपूर्ण पहल की है। संस्था के अध्यक्ष एवं अर्थ डायग्नोस्टिक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अरविंदर सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) के सचिव राजपाल सिंह (आरएएस) को ज्ञापन सौंपकर शहर के प्रमुख सार्वजनिक एवं पर्यटन स्थलों पर दिव्यांगजनों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की मांग की। | dr arvinder singh demands uda accessibility audit for disabled friendly udaipur tourist places | dr arvinder singh
राजीव गांधी पार्क और फतेहसागर में मिली कई कमियां
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में बताया कि राजीव गांधी पार्क और फतेहसागर क्षेत्र के स्थल निरीक्षण के दौरान कई गंभीर कमियां सामने आईं। निरीक्षण में पाया गया कि व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं और चलने-फिरने में कठिनाई वाले नागरिकों के लिए मानक रैंप, बाधारहित मार्ग, कर्ब कट, दिव्यांग-अनुकूल शौचालय, आरक्षित पार्किंग, स्पष्ट संकेतक और प्रशिक्षित सहायता व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं।
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के तहत सुगम्यता है अधिकार
डॉ. अरविंदर सिंह ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों तक समान, सुरक्षित और सम्मानजनक पहुंच किसी प्रकार की विशेष सुविधा नहीं, बल्कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत प्रत्येक दिव्यांग नागरिक का वैधानिक अधिकार है। उन्होंने यूडीए से राजीव गांधी पार्क, फतेहसागर सहित शहर के सभी प्रमुख पार्कों, पर्यटन स्थलों और सार्वजनिक परिसरों का तत्काल एक्सेसिबिलिटी ऑडिट कराने तथा समयबद्ध सुधार कार्ययोजना लागू करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि उदयपुर जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन शहर की पहचान तभी सार्थक होगी, जब यहां आने वाले हर नागरिक और पर्यटक, चाहे वह दिव्यांग हो या वरिष्ठ नागरिक, बिना किसी बाधा के सभी सार्वजनिक स्थलों का उपयोग कर सके।
सामाजिक संगठनों ने भी दिया समर्थन
प्रतिनिधिमंडल में सत्येन्द्र सिंह पंवार, प्रवीण कुमार शर्मा, कनिका कल्याण और डिम्पल सुहालका शामिल रहे। सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुकेश माधवानी ने भी इस अभियान का समर्थन करते हुए उपस्थित दिव्यांगजनों के लिए जलपान की व्यवस्था कर सामाजिक संवेदनशीलता का परिचय दिया।
समावेशी शहर बनाने की अपील
संस्था ने विश्वास जताया कि उदयपुर विकास प्राधिकरण इस मुद्दे पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए शहर के सार्वजनिक स्थलों को दिव्यांग-अनुकूल बनाएगा। इससे उदयपुर केवल एक सुंदर पर्यटन नगरी ही नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित, गरिमापूर्ण, सुगम और समावेशी शहर के रूप में भी नई पहचान स्थापित करेगा।


