15 दिन में भेज सकेंगे आपत्तियां
उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। उदयपुर की विश्व प्रसिद्ध झीलों के संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और नौकायन व्यवस्था को अधिक वैज्ञानिक एवं सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला झील संरक्षण एवं विकास समिति और उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने झीलों में नौकायन, जेट्टी संचालन और झील संसाधन प्रबंधन से जुड़े प्रस्तावित नियमों का ड्राफ्ट सार्वजनिक किया है। आमजन, पर्यावरणविदों, पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधियों, नौकायन व्यवसायियों और सामाजिक संगठनों से 15 दिनों के भीतर सुझाव एवं आपत्तियां मांगी गई हैं। | Udaipur Lake Conservation Rules | Udaipur Lake Conservation Draft Rules
सदस्य सचिव जिला झील संरक्षण एवं विकास समिति एवं नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि प्राप्त सुझावों और आपत्तियों का परीक्षण कर आवश्यक संशोधन किए जाएंगे और इसके बाद अंतिम ड्राफ्ट राजस्थान झील विकास प्राधिकरण को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।
हाल ही में जिला कलक्टर एवं जिला झील संरक्षण एवं विकास समिति के अध्यक्ष गौरव अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में पर्यटन, जल संसाधन, मत्स्य, राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल, परिवहन विभाग, नगर निगम और उदयपुर विकास प्राधिकरण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में झील संरक्षण के लिए दीर्घकालीन और व्यवहारिक नीति तैयार करने पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में पिछोला झील सहित अन्य झीलों में संचालित नौकाओं के संचालन और अनुबंध नवीनीकरण पर भी विचार-विमर्श किया गया। जिला कलक्टर ने संबंधित विभागों को झीलों की वास्तविक क्षमता, संचालित नौकाओं की संख्या तथा पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों का अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
ड्राफ्ट नियमों में क्या-क्या प्रस्तावित
प्रस्तावित नीति में कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिनमें—
- झीलों की वहन क्षमता के अनुसार नौकायन गतिविधियों का नियमन।
- पैसेंजर कैपेसिटी यूनिट का निर्धारण।
- नौकाओं के संचालन की अनुमति प्रक्रिया।
- जेट्टी संचालन के लिए स्पष्ट नियम।
- पर्यावरण संरक्षण एवं सुरक्षा मानक।
- झील संसाधनों के संतुलित और पारदर्शी उपयोग की व्यवस्था।
प्रशासन का कहना है कि नई नीति का उद्देश्य झील संरक्षण, पर्यटन और स्थानीय आजीविका के बीच संतुलन स्थापित करना है।
जनभागीदारी पर रहेगा विशेष जोर
नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि नीति को अंतिम रूप देने से पहले व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए इसे सार्वजनिक किया गया है। विशेषज्ञों, पर्यावरणविदों, पर्यटन उद्योग, नौकायन व्यवसायियों और आम नागरिकों से प्राप्त सुझावों को प्राथमिकता के साथ शामिल किया जाएगा ताकि नीति अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बन सके।
नई नीति लागू होने तक वर्तमान व्यवस्था जारी
समिति ने निर्णय लिया कि नई नीति लागू होने अथवा अंतिम निर्णय आने तक वर्तमान नियमों के अनुसार आवश्यक संशोधनों के साथ अनुबंधों के नवीनीकरण की प्रक्रिया जारी रहेगी, ताकि प्रशासनिक कार्य और राजस्व व्यवस्था प्रभावित न हो।
यहां भेज सकते हैं सुझाव
इच्छुक नागरिक सार्वजनिक सूचना जारी होने की तिथि से 15 दिनों के भीतर अपने सुझाव एवं आपत्तियां लिखित रूप में जिला झील संरक्षण एवं विकास समिति, उप आयुक्त कक्ष, कमरा संख्या-18, नगर निगम उदयपुर, टाउनहॉल लिंक रोड पर जमा कर सकते हैं। सुझाव commudr@gmail.com पर ईमेल के माध्यम से भी भेजे जा सकते हैं।
प्रस्तावित ड्राफ्ट नियमों का अवलोकन कार्यालय समय में नगर निगम कार्यालय में किया जा सकता है। साथ ही इन्हें udaipurmc.org, uda.rajasthan.gov.in और udaipur.rajasthan.gov.in से भी डाउनलोड किया जा सकता है।
राजस्थान झील विकास प्राधिकरण करेगा अंतिम फैसला
नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने स्पष्ट किया कि प्राप्त सुझावों और आपत्तियों के आधार पर संशोधित ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। इसके बाद अंतिम अनुमोदन एवं निर्णय राजस्थान सरकार के स्वायत्त शासन विभाग के अंतर्गत राजस्थान झील विकास प्राधिकरण द्वारा लिया जाएगा।
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