पैनेशिया डिसेबिलिटी राइट्स एक्टिविस्ट्स के संस्थापक एवं अर्थ डायग्नोस्टिक्स के सीईओ डॉ. अरविंदर सिंह द्वारा दायर 11 आरटीआई के जवाब में हुए चौंकाने वाले खुलासे
उदयपुर | एआर लाइव न्यूज। बैंकिंग सेवाओं को सभी के लिए सुलभ बनाने के दावों के बीच उदयपुर में दिव्यांगजनों की बैंकिंग सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी से पता चला है कि पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की उदयपुर मंडल की किसी भी शाखा को अब तक पूर्ण रूप से दिव्यांगजन-अनुकूल घोषित नहीं किया गया है। हालांकि बैंक ने अधिकांश शाखाओं में रैंप या व्हीलचेयर से प्रवेश की सुविधा होने की जानकारी दी है, लेकिन कई आवश्यक सुविधाओं का अभाव सामने आया है। | Udaipur PNB Disability Accessibility | Dr. Arvinder Singh News | Panacea Disability Rights Activists Dr Arvinder Singh
यह जानकारी पैनेशिया डिसेबिलिटी राइट्स एक्टिविस्ट्स के संस्थापक एवं अध्यक्ष, दिव्यांग अधिकार कार्यकर्ता तथा अर्थ डायग्नोस्टिक्स के सीईओ डॉ. अरविंदर सिंह द्वारा दायर 11 आरटीआई आवेदनों के जवाब में सामने आई है।
उदयपुर मंडल की 51 शाखाओं की स्थिति
आरटीआई के अनुसार, पंजाब नेशनल बैंक के उदयपुर मंडल में 51 और उदयपुर शहर में 13 शाखाएं संचालित हैं। बैंक ने बताया कि सभी 51 शाखाओं में रैंप अथवा व्हीलचेयर के माध्यम से प्रवेश की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन किसी भी शाखा को पूर्णतः एक्सेसिबल या सभी प्रकार के दिव्यांगजनों के लिए अनुकूल नहीं माना गया है।
ब्रेल साइनेज और आरक्षित पार्किंग का अभाव
आरटीआई से यह भी सामने आया कि उदयपुर मंडल की किसी भी शाखा में दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित पार्किंग और ब्रेल साइनेज जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा कर्मचारियों को दिव्यांग ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप व्यवहार और सहायता प्रदान करने के लिए कोई विशेष प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया है।
बैंक ने यह भी स्वीकार किया कि उदयपुर जिले की शाखाओं का अब तक कोई औपचारिक एक्सेसिबिलिटी ऑडिट नहीं कराया गया है। वहीं पिछले पांच वर्षों में सुगम्यता सुधार पर हुए बजट खर्च का शाखावार रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं है।
बैंक ने कमियां स्वीकार कीं
पंजाब नेशनल बैंक ने अपने जवाब में ब्रेल साइनेज और दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित पार्किंग जैसी सुविधाओं की कमी स्वीकार करते हुए भविष्य में इन्हें उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाने की बात कही है। बैंक ने यह भी बताया कि दिव्यांग ग्राहकों की शिकायतों के समाधान के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
“सिर्फ रैंप बना देना पर्याप्त नहीं” – डॉ. अरविंदर सिंह
डॉ. अरविंदर सिंह ने कहा कि किसी शाखा के बाहर केवल रैंप बना देने से उसे पूर्णतः दिव्यांगजन-अनुकूल नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि दृष्टिबाधित ग्राहकों के लिए ब्रेल साइनेज, ऑडियो गाइडेंस, सुलभ डिजिटल सेवाएं, व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं के लिए आरक्षित पार्किंग, बाधारहित प्रवेश, सुविधाजनक सेवा काउंटर और प्रशिक्षित बैंक कर्मचारी भी उतने ही आवश्यक हैं। udaipur arth group CEO | Dr. Arvinder Singh
उन्होंने कहा कि बैंकिंग सुगम्यता का अर्थ केवल भवन में प्रवेश नहीं, बल्कि टोकन लेने, फॉर्म भरने, दस्तावेज समझने, एटीएम उपयोग करने और पूरी बैंकिंग प्रक्रिया को स्वतंत्र एवं सम्मानजनक तरीके से पूरा करने की सुविधा उपलब्ध होना चाहिए।
समयबद्ध एक्सेसिबिलिटी ऑडिट की मांग
डॉ. सिंह ने पंजाब नेशनल बैंक से सभी शाखाओं का विशेषज्ञों द्वारा समयबद्ध एक्सेसिबिलिटी ऑडिट कराने, शाखावार कमियों की पहचान करने, सुधार के लिए स्पष्ट कार्ययोजना और बजट तय करने तथा ऑडिट एवं अनुपालन रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।
उन्होंने कर्मचारियों के नियमित प्रशिक्षण, ब्रेल एवं स्पष्ट दृश्य संकेतकों, ऑडियो सहायता, टैक्टाइल सुविधाओं, दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित पार्किंग और प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली को प्राथमिकता देने का भी आग्रह किया।
डॉ. सिंह ने कहा कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुसार सुलभ बैंकिंग कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं बल्कि दिव्यांगजनों का संवैधानिक और कानूनी अधिकार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पंजाब नेशनल बैंक इन निष्कर्षों को सुधार के अवसर के रूप में लेते हुए उदयपुर मंडल की सभी शाखाओं को वास्तविक अर्थों में समावेशी और दिव्यांगजन-अनुकूल बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा। | disability Rights
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