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Home Gujarat (Hindi)

12 करोड़ की ऑनलाइन ठगी मामले में महिला निदेशक गिरफ्तार

Lucky Jain by Lucky Jain
July 22, 2026
Reading Time: 2 mins read
rajasthan online gold trading fraud


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राजस्थान स्टेट साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग के नाम पर हुई करोड़ों की ठगी मामले मे की कार्रवाई

जयपुर,एआर लाइव न्यूज। राजस्थान स्टेट साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग के नाम पर 12.09 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के बहुचर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मुंबई से गोल्डन लीजेंड लीजिंग एंड फाइनेंस लिमिटेड (GLLFL) की निदेशक दिव्या सिंह कुशवाहा को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि फर्जी गोल्ड ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के लिए उपयोग किए जा रहे वर्चुअल मर्चेंट खातों के संचालन में कंपनी की अहम भूमिका थी। वहीं, मुख्य आरोपी जयंता रॉय समेत अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। | rajasthan online gold trading fraud

साइबर क्राइम के महानिदेशक संजय अग्रवाल ने बताया कि 9 दिसंबर 2025 को जयपुर स्थित स्टेट साइबर क्राइम थाना में दर्ज मामले में शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप के जरिए गोल्ड ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर www.kdeonegold.net नामक फर्जी वेबसाइट पर निवेश कराया गया। आरोपियों ने विभिन्न बैंक खातों और वर्चुअल मर्चेंट खातों में 12 करोड़ 9 लाख 65 हजार 512 रुपये जमा करवाकर धोखाधड़ी को अंजाम दिया।

व्हाट्सएप से शुरू हुई करोड़ों की साइबर ठगी

जांच में सामने आया कि साइबर ठगों ने सबसे पहले व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क कर पीड़ित को फर्जी गोल्ड ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा। शुरुआती दौर में वर्चुअल वॉलेट में काल्पनिक मुनाफा दिखाकर विश्वास जीत लिया गया। इसके बाद अधिक रिटर्न का लालच देकर लगातार बड़ी रकम निवेश करवाई गई।

जब पीड़ित ने निवेश की गई राशि निकालने का प्रयास किया तो आयकर, प्रोसेसिंग फीस, अकाउंट अनफ्रीज चार्ज और अन्य शुल्कों के नाम पर बार-बार अतिरिक्त रकम जमा करवाई गई। करोड़ों रुपये जमा होने के बावजूद न तो निवेश की गई राशि वापस की गई और न ही निकासी की अनुमति दी गई।

वित्तीय जांच में सामने आया बड़ा साइबर नेटवर्क

एडीजी साइबर क्राइम के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। जांच में पता चला कि साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए वर्चुअल मर्चेंट खाते प्राइम इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को उपलब्ध कराए गए थे, जिनका संचालन गोल्डन लीजेंड लीजिंग एंड फाइनेंस लिमिटेड (GLLFL) के माध्यम से किया जा रहा था।

जांच के दौरान ऑनबोर्डिंग, केवाईसी, ड्यू डिलिजेंस, रिस्क मॉनिटरिंग और फ्रॉड डिटेक्शन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं भी सामने आईं। साथ ही इन खातों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल 1930 पर देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज मिलीं।

मुंबई से महिला निदेशक गिरफ्तार

इस मामले में पहले ही आरोपी इकबाल अहमद के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है। आगे की जांच में GLLFL के निदेशकों की भूमिका प्रमाणित होने पर साइबर थाना जयपुर की टीम ने मुंबई पहुंचकर कंपनी की निदेशक दिव्या सिंह कुशवाहा को गिरफ्तार किया।

अदालत से पांच दिन का पुलिस रिमांड मिलने के बाद आरोपी से मनी ट्रेल, फरार आरोपियों की भूमिका, डिजिटल साक्ष्यों और पूरे साइबर नेटवर्क के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

अन्य राज्यों के पीड़ितों की भी हो रही पहचान

राजस्थान पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। साथ ही राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों में इस नेटवर्क से ठगी का शिकार हुए अन्य पीड़ितों की भी पहचान की जा रही है।

कार्रवाई करने वाली टीम

इस कार्रवाई का नेतृत्व थानाधिकारी गजेन्द्र शर्मा ने किया। टीम में अनुसंधान अधिकारी पुलिस निरीक्षक अमृता सिंह, उप निरीक्षक मुकेश कुमार तथा कांस्टेबल बोदूराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

राजस्थान पुलिस की साइबर एडवाइजरी

  • राजस्थान पुलिस ने आमजन से अपील की है कि अधिक या गारंटीड रिटर्न का लालच देने वाले निवेश प्रस्तावों से बचें।
  • केवल पंजीकृत और विश्वसनीय निवेश प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें।
  • व्हाट्सएप, टेलीग्राम या अन्य सोशल मीडिया पर मिलने वाले निवेश प्रस्तावों पर बिना सत्यापन भरोसा न करें।
  • ओटीपी, यूपीआई पिन और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
  • किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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