अटैच की गयी संपत्ति में अमेरिका का मकान भी शामिल
जयपुर,एआर लाइव न्यूज। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जयपुर जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए M/s LEEL Electricals Limited (पूर्व में Lloyd Electric & Engineering Limited), उसके मुख्य प्रमोटर भारत राज पुंज और अन्य आरोपियों से जुड़ी करीब 112.90 करोड़ रुपये मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। | ED attaches LEEL Electricals rs112.90 Crore Assets
ईडी के अनुसार, अटैच की गई संपत्तियों में दिल्ली, उत्तराखंड, गुजरात, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, गोवा, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में स्थित जमीन, औद्योगिक प्लॉट, आवासीय संपत्तियां, बैंक बैलेंस, फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी), म्यूचुअल फंड निवेश तथा ह्यूस्टन, टेक्सास (अमेरिका) स्थित एक आवासीय संपत्ति भी शामिल है।
सीबीआई की एफआईआर के आधार पर शुरू हुई जांच
ईडी ने यह जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI), नई दिल्ली द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। सीबीआई ने भारतीय दंड संहिता (IPC) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, कंपनी के प्रमोटरों और वरिष्ठ अधिकारियों ने मिलकर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम को फर्जी और हेरफेर किए गए वित्तीय दस्तावेज प्रस्तुत कर धोखा दिया। इससे एसबीआई और आईडीबीआई बैंक को करीब 376 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
फर्जी खातों से बैंक फंड की हेराफेरी
ईडी की जांच में सामने आया कि कंपनी ने बैंकों से अधिक ऋण प्राप्त करने और उसे जारी रखने के लिए अपनी बैलेंस शीट में संपत्तियों, स्टॉक और बकाया राशि का मूल्य कृत्रिम रूप से बढ़ाकर दिखाया।
जांच में यह भी पता चला कि बैंक से प्राप्त धनराशि को प्रमोटर समूह की विभिन्न कंपनियों और शेल कंपनियों के जरिए भारत और विदेशों में ट्रांसफर किया गया। विदेशी सहायक कंपनियों में निवेश और ऋण के नाम पर रकम भेजी गई, जिससे कथित अपराध की आय (Proceeds of Crime) को छिपाया जा सके।
विदेशों में भेजी गई रकम, टेक्सास का मकान भी अटैच
ईडी के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया कि बड़ी मात्रा में धन विदेशों में स्थित सहायक कंपनियों के माध्यम से भेजा गया, जिन पर पूरी तरह भारत राज पुंज का नियंत्रण था।
इसी आधार पर ह्यूस्टन, टेक्सास (अमेरिका) में स्थित वह आवासीय संपत्ति भी अटैच की गई है, जो भारत राज पुंज और उनकी पत्नी पूजा पुंज के संयुक्त स्वामित्व में है। ईडी का कहना है कि यह संपत्ति भी कथित अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई थी।
प्रमोटर परिवार के खर्चों में किया गया उपयोग
जांच एजेंसी के मुताबिक, हेराफेरी की गई धनराशि का उपयोग बाद में विभिन्न अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया। इनमें से कई संपत्तियों को बाद में बेच दिया गया और बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग प्रमोटर परिवार के व्यक्तिगत एवं अन्य खर्चों में किया गया। जांच में रेणु पुंज (भारत राज पुंज की माता) के खर्चों में भी इस धन के इस्तेमाल के संकेत मिले हैं।
जांच अभी जारी
ईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पूरे नेटवर्क, विदेशों में भेजी गई धनराशि और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच अभी जारी है। आने वाले समय में इस मामले में और कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
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