उदयपुर की झीलों और पेयजल व्यवस्था को मिलेगा बड़ा सहारा
उदयपुर | एआर लाइव न्यूज | उदयपुर की झीलों और शहर की पेयजल व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे देवास प्रोजेक्ट (मोहनलाल सुखाड़िया जल अपवर्तन परियोजना) के तीसरे और चौथे चरण का कार्य अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। करीब 1,690.55 करोड़ (करीब 1700 करोड़) रुपये की लागत वाली इस परियोजना के वर्ष 2028 तक पूर्ण होने की उम्मीद है। परियोजना समय पर पूरी होने पर वर्ष 2028 के अंत या 2029 की शुरुआत में बांधों का पानी टनल के माध्यम से देवास प्रोजेक्ट-2 के आकोदड़ा बांध तक पहुंचेगा, जहां से यह पानी उदयपुर की झीलों में छोड़ा जाएगा। | latest news udaipur dewas project | Dewas Project Phase 3-4 Udaipur
टनल निर्माण कार्य में आई तेजी
परियोजना के तहत 10.50 किलोमीटर लंबी मुख्य टनल का निर्माण जारी है। वर्तमान में एक ओर से करीब 400 मीटर तथा दूसरी ओर से लगभग 125 मीटर खुदाई पूरी हो चुकी है। परियोजना कंपनी और जल संसाधन विभाग ने हर महीने लगभग 700 मीटर खुदाई का लक्ष्य निर्धारित किया है।
दरअसल, भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से पर्यावरण स्वीकृति मिलने में हुई देरी के कारण परियोजना अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाई थी। हालांकि जून 2026 में पर्यावरण मंजूरी मिलने के बाद अब निर्माण कार्य में तेजी देखने को मिल रही है। | dewas project phase 3-4 work progress
2045 तक पानी की जरूरतें पूरी होने का अनुमान
जल संसाधन विभाग के अनुसार, देवास प्रोजेक्ट 3-4 पूरा होने के बाद उदयपुर की जल आवश्यकताओं को वर्ष 2045 तक पूरा करने में मदद मिलेगी। इस परियोजना से सबसे पहले पिछोला और फतहसागर झील को पानी मिलेगा। इसके बाद उदयसागर, वल्लभनगर, बड़गांव और घोसुंडा बांध भी भरे जाएंगे। यदि अतिरिक्त पानी उपलब्ध रहा तो इसे बीसलपुर बांध तक भी पहुंचाया जा सकेगा।
पुनर्वास और भूमि आवंटन की प्रक्रिया जारी
डूब क्षेत्र में आने वाली वन विभाग की भूमि के बदले राज्य सरकार ने सरिस्का (अलवर) में वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराई है। वहीं, डूब क्षेत्र में आने वाले करीब 200 परिवारों की भूमि और मकानों के बदले मुआवजा एवं पुनर्वास की प्रक्रिया जारी है।
परियोजना का कार्य जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता (देवास परियोजना) बीरबल राम डूडी की निगरानी में किया जा रहा है।
क्या है देवास प्रोजेक्ट 3-4
इस परियोजना के तीसरे और चौथे चरण के तहत गोगुंदा क्षेत्र के नाथियाथल गांव में 703 एमसीएफटी क्षमता का देवास-3 बांध तथा अंबावा गांव के पास वाकल नदी पर 390 एमसीएफटी क्षमता का देवास-4 बांध बनाया जाएगा।
- देवास-4 से देवास-3 तक 4.3 किलोमीटर लंबी टनल बनाई जाएगी।
- देवास-3 से 10.50 किलोमीटर लंबी टनल के जरिए पानी आकोदड़ा बांध तक पहुंचेगा।
- इसके बाद आकोदड़ा बांध से 11.5 किलोमीटर लंबी टनल के माध्यम से पानी ग्रेविटी सिस्टम से सीधे पिछोला झील में पहुंचेगा।
यह परियोजना भविष्य में उदयपुर की झीलों के संरक्षण, पेयजल आपूर्ति और जल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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