“105 IND STOCKS ADV” नामक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए किया जा रहा था पूरा स्कैम
जयपुर,एआर लाइव न्यूज। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर देशभर में 500 करोड़ रुपये का साइबर फ्रॉड करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने महाराष्ट्र के पुणे से इस महा साइबर फ्रॉड के मुख्य सरगना युवराज सतीश मुदलियार (35) निवासी पुणे को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी फाइनेंस कंपनियों के माध्यम से लोगों के दस्तावेज हासिल कर उनके नाम पर म्यूल बैंक खाते खुलवाता था और साइबर ठगी की रकम को हवाला एवं क्रिप्टोकरेंसी के जरिए विदेशों तक पहुंचाता था। | Rajasthan Police bust 500cr whatsapp investment scam | Rajasthan Police News | Big Cyber Fraud |
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया कि स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, जयपुर में सेंधाराम चौधरी ने 16 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार पीड़ित को “105 IND STOCKS ADV” नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर शेयर बाजार में निवेश के नाम पर भारी मुनाफे का लालच दिया गया और बाद में उससे लाखों रुपये की ठगी कर ली गई।
जांच के दौरान साइबर विशेषज्ञों ने व्हाट्सएप ग्रुप के चैट डेटा, मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि इसी एक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से देशभर के निवेशकों से करीब 500 करोड़ रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया जा चुका है।
निवेश के नाम पर ऐसे रचते थे ठगी का जाल
गिरोह सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को ट्रेडिंग और निवेश से कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का लालच देता था। शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए निवेशकों को मामूली लाभ की राशि वापस भेजी जाती थी। जब पीड़ित बड़ी रकम निवेश करता, तो आरोपी उसके पैसे फर्जी खातों में ट्रांसफर कर लेते और फिर उसे व्हाट्सएप ग्रुप से हटाकर ग्रुप डिलीट कर देते थे।
तकनीकी जांच से मास्टरमाइंड तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए उप महानिरीक्षक पुलिस (साइबर क्राइम) शांतनु कुमार सिंह के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरड़ा के सुपरविजन में विशेष जांच टीम गठित की गई। टीम ने बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन और मोबाइल डेटा की गहन पड़ताल कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया।
जांच के आधार पर पुलिस ने पुणे निवासी युवराज सतीश मुदलियार को गिरफ्तार कर ट्रांजिट वारंट पर जयपुर लाया है। पुलिस अब उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और मनी ट्रेल की जांच कर रही है।
फर्जी फाइनेंस कंपनियों से तैयार करता था म्यूल बैंक खाते
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह Grace Finance, Positive Balance और Guru Finance नाम से फर्जी लोन कंपनियां संचालित करता था। लोन दिलाने के नाम पर लोगों से पैन कार्ड, आधार, बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेज प्राप्त कर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए जाते थे। खाताधारकों को इसके बदले 10 हजार रुपये तक का कमीशन दिया जाता था।
इन्हीं खातों में साइबर ठगी की रकम जमा कराई जाती थी। बाद में नकदी निकालकर हवाला नेटवर्क के जरिए Binance Wallet में USDT खरीदकर विदेशों में भेजी जाती थी, जहां आरोपी को लगभग 5 प्रतिशत कमीशन मिलता था।
पुलिस की अपील
राजस्थान साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्हाट्सएप, टेलीग्राम या सोशल मीडिया ग्रुप पर निवेश और ट्रेडिंग से जुड़े अवास्तविक मुनाफे के दावों पर भरोसा न करें। किसी भी ऑनलाइन निवेश से पहले संबंधित संस्था की वैधता की जांच अवश्य करें और साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।


