उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। महिला कर्मचारियों की सुरक्षा, जागरूकता और आत्मविश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए हिंदुस्तान जिंक ने अपने उदयपुर स्थित प्रधान कार्यालय में ‘सुरक्षा प्लस’ कार्यक्रम की शुरुआत की। इंटरनेशनल डे ऑफ विमेन इन माइनिंग के अवसर पर आयोजित इस विशेष अभियान का उद्देश्य महिला पेशेवरों को व्यक्तिगत सुरक्षा, कार्यस्थल सुरक्षा, डिजिटल सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार करना है। | hindustan zinc suraksha plus Program
इस हाइब्रिड कार्यक्रम में कंपनी के विभिन्न परिचालन स्थलों से लगभग 150 महिला कर्मचारियों ने भाग लिया। इनमें प्रधान कार्यालय में करीब 50 प्रतिभागी ऑफलाइन मौजूद रहीं, जबकि 100 से अधिक महिला कर्मचारी ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ीं।
सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर मिला विशेषज्ञ मार्गदर्शन
विशेषज्ञों द्वारा संचालित इस प्रशिक्षण सत्र में प्रतिभागियों को व्यक्तिगत सुरक्षा, सिचुएशनल अवेयरनेस, कार्यस्थल सुरक्षा मानकों, यात्रा एवं आवागमन के दौरान सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, आपातकालीन प्रतिक्रिया और आत्मरक्षा की रणनीतियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। वास्तविक जीवन के उदाहरणों और इंटरैक्टिव चर्चाओं के माध्यम से महिलाओं को व्यावहारिक सुरक्षा उपायों से अवगत कराया गया।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने की पहल की सराहना
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि महिला सुरक्षा केवल किसी घटना के बाद प्रतिक्रिया देने का विषय नहीं है, बल्कि यह जागरूकता, आत्मविश्वास और पूर्व तैयारी पर आधारित होती है।
उन्होंने कहा कि ‘सुरक्षा प्लस’ जैसी पहल महिलाओं को संभावित जोखिमों की पहचान करने, सही समय पर उचित निर्णय लेने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाती हैं।
सुरक्षित और समावेशी कार्यस्थल की दिशा में अहम कदम
हिंदुस्तान जिंक के अनुसार, ‘सुरक्षा प्लस’ कार्यक्रम को कंपनी के सभी परिचालन स्थलों पर चरणबद्ध (Phase-wise) तरीके से आयोजित किया जाएगा। यह पहल महिलाओं के लिए सुरक्षित, समावेशी और सशक्त कार्यस्थल विकसित करने की कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी।
महिला सुरक्षा, डिजिटल जागरूकता और कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में यह कार्यक्रम न केवल कर्मचारियों के आत्मविश्वास को बढ़ाएगा, बल्कि उद्योग जगत में महिला सुरक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश भी देगा।


