उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। कभी आंगन में खेलता-कूदता सात वर्षीय मासूम अचानक ऐसी दुर्लभ गंभीर बीमारी की चपेट में आ गया कि उसका ब्लड प्रेशर 200 तक पहुंच गया। यह स्थिति किसी भी समय हार्ट अटैक या ब्रेन हैमरेज जैसी जानलेवा समस्या पैदा कर सकती थी। 25 दिनों तक अलग-अलग अस्पतालों में इलाज कराने के बावजूद बीमारी का पता नहीं चल सका, लेकिन अंततः पीएमसीएच Pacific Medical College & Hospital के डॉक्टरों ने न केवल बीमारी की सही पहचान की, बल्कि सफल सर्जरी कर बच्चे को नया जीवन दे दिया। | PMCH Udaipur Pheochromocytoma Surgery
25 दिन तक चलता रहा इलाज, नहीं मिली राहत
परिजनों ने बताया कि बच्चा पूरी तरह स्वस्थ था, लेकिन अचानक उसे घबराहट, तेज पसीना और बेचैनी की शिकायत होने लगी। जांच में उसका ब्लड प्रेशर 200 तक पहुंचा मिला, जिससे परिवार घबरा गया। बेहतर इलाज की उम्मीद में उसे दूसरे शहर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां करीब 25 दिनों तक इलाज चला, लेकिन बीमारी की असली वजह सामने नहीं आ सकी।
पीएमसीएच में हुई दुर्लभ बीमारी की पहचान
निराश परिजन बच्चे को उदयपुर स्थित पीएमसीएच लेकर पहुंचे। यहां बाल एवं नवजात शिशु सर्जन डॉ. प्रवीण झंवर ने विस्तृत जांच कर पाया कि बच्चा फियोक्रोमोसाइटोमा (Pheochromocytoma) नामक अत्यंत दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है।
डॉ. प्रवीण झंवर ने बताया कि यह एड्रेनल ग्रंथि में बनने वाला दुर्लभ ट्यूमर होता है, जो शरीर में एड्रेनालिन हार्मोन का अत्यधिक स्राव करता है। इसके कारण ब्लड प्रेशर अचानक खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है। बच्चों में यह बीमारी बेहद दुर्लभ होती है और लाखों में किसी एक मरीज में देखने को मिलती है।
ऑपरेशन के दौरान हर पल था बड़ा खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार इस बीमारी की सर्जरी किसी चुनौती से कम नहीं होती। ऑपरेशन के दौरान ब्लड प्रेशर कभी भी अत्यधिक बढ़ या गिर सकता है, जिससे मरीज की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। ऐसे में अनुभवी सर्जन और एनेस्थीसिया टीम के बीच सटीक तालमेल बेहद जरूरी होता है।
पीएमसीएच की विशेषज्ञ टीम ने पूरी तैयारी के साथ सफल ऑपरेशन कर एड्रेनल ट्यूमर को सुरक्षित निकाल दिया। सर्जरी के बाद बच्चे का ब्लड प्रेशर सामान्य हो गया और उसकी हालत में तेजी से सुधार आया।
विशेषज्ञों की टीम ने निभाई अहम भूमिका
इस जटिल सर्जरी में बाल एवं नवजात शिशु सर्जन डॉ. प्रवीण झंवर, डॉ. उर्जिता मोदी, डॉ. निशांत, डॉ. सुहानी, निश्चेतना विभाग की डॉ. शालिनी एवं डॉ. शाहिद, पीआईसीयू के डॉ. पुनीत जैन, डॉ. सन्नी मालवीया, डॉ. धारा, डॉ. रिया, डॉ. हक सहित सुभाष शर्मा, शोभना, विवेक और मनीष की टीम ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
पीएमसीएच ने फिर साबित की विशेषज्ञता
पीएमसीएच के चेयरमैन राहुल अग्रवाल ने कहा कि अस्पताल आधुनिक चिकित्सा तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों के दम पर गंभीर एवं दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए लगातार बेहतर सेवाएं दे रहा है। उन्होंने कहा कि इस सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अब उदयपुर में भी जटिल और हाई-रिस्क सर्जरी सफलतापूर्वक की जा सकती हैं
सफल उपचार के बाद बच्चे को स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। 25 दिनों की चिंता और संघर्ष के बाद अपने बेटे को स्वस्थ देखकर परिजनों के चेहरे पर लौटी मुस्कान ही डॉक्टरों की सबसे बड़ी उपलब्धि बन गई। pmch-udaipur-saves-7-year-old-from-rare-pheochromocytoma
मुख्य बिंदु (Highlights)
- 7 वर्षीय बच्चे का ब्लड प्रेशर 200 तक पहुंचने से बनी जानलेवा स्थिति
- 25 दिन तक इलाज के बावजूद नहीं पकड़ में आई दुर्लभ बीमारी
- पीएमसीएच में फियोक्रोमोसाइटोमा की पहचान, सफल सर्जरी से बची जान
- विशेषज्ञों की टीम ने जटिल ऑपरेशन कर निकाला एड्रेनल ट्यूमर
- ऑपरेशन के बाद सामान्य हुआ ब्लड प्रेशर, स्वस्थ होकर घर लौटा मासूम


