उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। नारायण सेवा संस्थान में निर्जला एकादशी पर्व श्रद्धा, आस्था और सेवा भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर निःशुल्क सर्जरी एवं कृत्रिम अंग लगवाने के लिए आए दिव्यांगजनों एवं उनके परिजनों को फलाहार एवं मीठे भोजन की व्यवस्था कराई गई। साथ ही सेवा, अध्यात्म और आत्मचिंतन का संदेश भी दिया गया। | Narayan-Seva-Sansthan Nirjala Ekadashi 2026
संस्थान में आयोजित अपनों से अपनी बात कार्यक्रम में अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने निर्जला एकादशी के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल भूखे-प्यासे रहने का व्रत नहीं, बल्कि आत्मा को परमात्मा के निकट ले जाने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि निर्जला एकादशी केवल प्यास सहने का नाम नहीं है, बल्कि अपने भीतर की तृष्णाओं को पहचानने और उन पर विजय प्राप्त करने का माध्यम है।
संवाद के दौरान उन्होंने भक्त ध्रुव, विदुर, द्रौपदी, जटायु, शबरी और सुदामा के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया कि कठिन परिस्थितियों और दुखों के बाद उन्हें प्रभु की विशेष कृपा प्राप्त हुई तथा उनका जीवन सार्थक बन सका।
इस अवसर पर संस्थान संस्थापक कैलाश मानव ने सेवाधाम में रोगियों को फल वितरित किए तथा निदेशक वंदना अग्रवाल एवं पलक अग्रवाल ने बड़ी एवं आसपास के क्षेत्र की महिलाओं को छाते, आम, जल कलश, वस्त्र एवं चप्पलों का वितरण किया।
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