पैनेशिया और डॉ अरविंदर सिंह की पहल से बच्चों ने दिया संवेदनशीलता का संदेश
उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। दिव्यांगजनों के अधिकारों, सम्मान और सामाजिक समावेशन के लिए कार्यरत संस्था पैनेशिया डिसेबिलिटी राइट्स एक्टिविस्ट्स द्वारा उदयपुर शहर के विभिन्न विद्यालयों में दिव्यांगता विषय पर चित्रकला प्रेरणा का आयोजन किया गया। आयोजन का उद्देश्य बच्चों में दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना, समाज में जागरूकता बढ़ाना और दिव्यांग व्यक्तियों के संघर्ष, आत्मबल तथा अधिकारों को रचनात्मक रूप से सामने लाना था। | dr. arvinder singh panacea disability rights activists | Dr. Arvinder Singh News
इसमें विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने चित्रों के माध्यम से दिव्यांगजनों के जीवन की वास्तविक चुनौतियों को अत्यंत सुंदर और मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया।
बच्चों ने चित्रों में बतायी रोजमर्रा की समस्याए, चुनौतियां और समाज का उपेक्षापूर्णय रवैया
बच्चों ने रैंप की कमी, सुगम शौचालयों का अभाव, सार्वजनिक स्थानों पर बाधाएं, स्कूलों और कार्यालयों में आने-जाने की कठिनाई, व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं की समस्याएं, दृष्टिबाधित व्यक्तियों की आवाजाही की चुनौती तथा समाज की उपेक्षापूर्ण सोच जैसे महत्वपूर्ण विषयों को रंगों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से उकेरा।
इन चित्रों में यह संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया कि दिव्यांगता कमजोरी नहीं, बल्कि साहस, आत्मविश्वास और संकल्प के साथ जीवन को आगे बढ़ाने की प्रेरणा है। बच्चों ने यह भी दर्शाया कि यदि समाज, विद्यालय, परिवार और प्रशासन मिलकर संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाएं, तो दिव्यांगजन भी समान अवसरों के साथ गरिमापूर्ण जीवन जी सकते हैं।
दिव्यांगजनों को दया नहीं, सम्मान, अधिकार, सुगम वातावरण और समान अवसर चाहिए
अर्थ डायग्नोस्टिक्स के सीईओ तथा पेनेशीया के संस्थापक डॉ. अरविंदर सिंह ने कहा कि बच्चों की रचनात्मक सोच समाज में बदलाव का सबसे मजबूत माध्यम बन सकती है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को दया नहीं, सम्मान, अधिकार, सुगम वातावरण और समान अवसर चाहिए। ऐसे आयोजन आने वाली पीढ़ी में संवेदना, जिम्मेदारी और समावेशी सोच विकसित करते हैं। – | | Dr. Arvinder Singh udaipur
उत्कृष्ट चित्र बनाने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। यह आयोजन कला के माध्यम से दिव्यांगजनों के अधिकार, आत्मबल और सामाजिक सम्मान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ।


