दो बड़े निर्माण ध्वस्त, खर्च भी निर्माणकर्ताओं से वसूला जाएगा
उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। महाराणा प्रताप जयंती से तीन दिन पहले रविवार तड़के चित्तौड़गढ़ जिला प्रशासन ने विश्व धरोहर चित्तौड़गढ़ दुर्ग में अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो बड़े निर्माणों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इसमें राणा रतनसिंह महल के सामने बने अवैध निर्माण और पुरातत्व विभाग की चौकी के पास हुआ अवैध निर्माण शामिल है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई में आने वाला पूरा खर्च भी संबंधित निर्माणकर्ताओं से वसूला जाएगा। | Chittorgarh Fort Illegal Constructions Demolish | Chittorgarh Fort 200 identified encroachments
जिला प्रशासन, पुलिस और पुरातत्व विभाग की संयुक्त टीम ने जिला कलेक्टर डॉ. मंजू और पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह की निगरानी में यह अभियान चलाया। कार्रवाई सुबह-सुबह शुरू की गई, जिससे अवैध निर्माण करने वालों को संभलने का अवसर भी नहीं मिला। | विरासत को बचाने के लिए हुई आज की इस कार्रवाई को जिला कलेक्टर डॉ.मंजू की इच्छा शक्ति (Willpower) का सफल परिणाम कहा जा सकता है। Chittorgarh Fort bulldozer action | latest news Chittorgarh Fort bulldozer action
200 से अधिक अवैध निर्माण और अतिक्रमण चिन्हित
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार चित्तौड़गढ़ दुर्ग क्षेत्र में 200 से अधिक अवैध निर्माण और अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं। इनमें होटल, हैंडीक्राफ्ट शोरूम और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी शामिल हैं। प्रशासन अब अन्य बड़े अवैध निर्माणों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। | Rajasthan heritage conservation
कलेक्टर डॉ. मंजू ने बताया कि जिन अवैध निर्माणों को हटाया गया है, उन्हें ध्वस्त करने में जो भी सरकारी खर्च आया है, उसकी वसूली संबंधित लोगों से की जाएगी।

विश्व धरोहर क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण प्रतिबंधित
यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है चित्तौड़गढ़ दुर्ग और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित स्मारक भी है। यह क्षेत्र प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 के अंतर्गत संरक्षित है।
नियमों के अनुसार दुर्ग की प्राचीर के भीतर किसी भी प्रकार का निर्माण, पुनर्निर्माण, मरम्मत या व्यावसायिक गतिविधि बिना केंद्र सरकार और संबंधित प्राधिकरणों की अनुमति के नहीं की जा सकती। सरल शब्दों में कहें तो आवश्यक अनुमति के बिना यहां एक ईंट तक नहीं लगाई जा सकती।
कलेक्टर की सख्ती के बाद तेज हुई कार्रवाई
हाल ही में दुर्ग क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं को लेकर आयोजित बैठक में जिला कलेक्टर डॉ. मंजू ने अवैध निर्माणों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुरातत्व विभाग ने रत्नसिंह महल के सामने बिना अनुमति निर्माण कराने के मामले में एक व्यक्ति के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई। | Bulldozer Action at Chittorgarh Fort
एफआईआर के बाद प्रशासन ने रविवार को अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। अधिकारियों का कहना है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से आवश्यक आदेश प्राप्त होते ही अन्य चिन्हित अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख बिंदु
- दो बड़े अवैध निर्माण ध्वस्त।
- कार्रवाई जिला प्रशासन, पुलिस और पुरातत्व विभाग ने संयुक्त रूप से की।
- 200 से अधिक अवैध निर्माण और अतिक्रमण चिन्हित।
- ध्वस्तीकरण का खर्च संबंधित निर्माणकर्ताओं से वसूला जाएगा।
- दुर्ग क्षेत्र यूनेस्को विश्व धरोहर और ASI संरक्षित स्मारक है।
- अन्य अवैध निर्माणों पर भी जल्द कार्रवाई की तैयारी।
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