अर्बन स्क्वॉयर मॉल में निवेशक द्वारा बुक करायी गयी सम्पत्ति/यूनिट का पजेशन देने में भूमिका एंटरप्राइजेज से हुई देरी पर निवेशक को मिलेगा मुआवजा
उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। राजस्थान रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (RERA) के न्यायिक निर्णायक अधिकारी (Adjudicating Officer) ने अर्बन स्क्वायर मॉल (Urban Square) प्रोजेक्ट में निवेशक/खरीददार को उसके द्वारा खरीदी गयी सम्पत्ति/यूनिट का पजेशन (कब्जा) देने में हुई देरी के मामले में खरीदारों के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। प्राधिकरण ने अर्बन स्क्वायर के प्रमोटर भूमिका एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड को खरीदारों को कुल 1 लाख रूपए का मुआवजा देने का निर्देश दिए हैं। | RERA Order on Urban Square Udaipur | udaipur live news | udaipur news | udaipur latest news | Bhumika enterprise
यह फैसला इसी महीने 3 जनू को दिया गया है। RERA का यह आदेश अर्बन स्क्वॉयर मॉल में यूनिट/सम्पत्ति खरीदकर निवेश करने वालों के लिए एक उम्मीद की किरण है, जो लंबे समय से अर्बन स्क्वॉयर के प्रमोटर्स के साथ विभिन्न शिकायतों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। गौरतलब है कि कुछ खरीददार निवेशकों ने पिछले दिनों अर्बन स्क्चॉयर मॉल में विभिन्न शिकायतों को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया था।
क्या है मामला?
शिकायतकर्ता उमा सेन ने अर्बन स्क्वायर परियोजना में यूनिट नंबर 106 बुक की थी। बिक्री अनुबंध के अनुसार यूनिट का कब्जा मार्च 2021 तक दिया जाना था, लेकिन वास्तविक कब्जा और रजिस्ट्री 21 सितंबर 2022 को हुई। खरीदारों ने कब्जे में देरी, प्री-ईएमआई ब्याज और प्रीमियम लोकेशन शुल्क से जुड़े मुद्दों को लेकर RERA में शिकायत दर्ज कराई थी।
RERA ने क्या कहा?
न्यायिक निर्णायक अधिकारी ने माना कि परियोजना का कब्जा तय समय पर नहीं दिया गया। हालांकि कोविड-19 के कारण घोषित मोरेटोरियम अवधि को राहत अवधि मानते हुए उस समय के लिए अतिरिक्त मुआवजा देने से इनकार किया गया, लेकिन 1 अप्रैल 2022 से 21 सितंबर 2022 तक की देरी को खरीदारों के लिए वित्तीय नुकसान माना गया।
प्राधिकरण ने पाया कि खरीदार बैंक को जिस दर से ब्याज चुका रहे थे और उन्हें जो ब्याज मिला, उसमें अंतर था। इस कारण हुए आर्थिक नुकसान के लिए ₹50,000 का मुआवजा देने का आदेश दिया गया।
मानसिक पीड़ा और मुकदमेबाजी खर्च के लिए भी राहत
RERA ने माना कि समय पर कब्जा नहीं मिलने के कारण खरीदारों को मानसिक एवं शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ा और उन्हें कानूनी लड़ाई भी लड़नी पड़ी। इस आधार पर प्राधिकरण ने अतिरिक्त ₹50,000 का मुआवजा देने का आदेश दिया।
प्रीमियम लोकेशन चार्ज और EMI दावे खारिज
शिकायतकर्ताओं ने प्रीमियम लोकेशन चार्ज और प्री-ईएमआई ब्याज की राशि भी मांगी थी, लेकिन RERA ने कहा कि इन मुद्दों पर पहले ही निर्णय हो चुका है और इन्हें दोबारा नहीं उठाया जा सकता। इसलिए इन दावों को स्वीकार नहीं किया गया।
45 दिन में भुगतान का आदेश
RERA ने भूमिका एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड को आदेश दिया है कि वह 45 दिनों के भीतर कुल 1 लाख रूपए का मुआवजा शिकायतकर्ता को अदा करे। निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं होने पर कंपनी को आदेश की तिथि से भुगतान होने तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
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