सरकारी जमीनें बेचने वालों पर एफआईआर दर्ज करवाने से क्यों डर रहा यूडीए
उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। उदयपुर विकास प्राधिकरण (uda) ने गुरूवार को राजस्व ग्राम डांगीयो की पंचोली में यूडीए की जमीन से अवैध पक्के निर्माण ध्वस्त कर करीब सात लाख वर्गफीट भूमि कब्जा मुक्त करवाई। इस जमीन की कुल बाजार कीमत करीब 150 करोड़ रूपए बतायी जा रही है। udaipur uda demolish encroachment at dagiyon ki pancholi udaipur | encroachment on government land udaipur | latest news uda udaipur
यूडीए आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि डांगीयों की पंचोली में यूडीए खाते की जमीन आराजी नंबर 89, 743, 727 व 416 पर अलग अलग समय में भूमाफिया कब्जा कर उस जमीन को अवैध रूप से बेचते रहे। धीरे धीरे लोगों ने अवैध रूप से पक्के निर्माण शुरू कर दिए। नोटिस के बावजूद निर्माण जारी रखा। udaipur uda demolish illegal building encroachment on government land at dagiyon ki pancholi udaipur

तहसीलदार रणजीसिंह विठू व डॉ. अभिनव शर्मा की मौजूदगी में गुरूवार को बुलडोजर चलाकर निर्माणाधीन पक्के मकानों के साथ ही 20 पक्की बाउण्ड्रीवाल ध्वस्त कर 7 लाख वर्ग फीट जमीन कब्जा मुक्त करवाई। इस जमीन की वर्तमान बाजार कीमत करीब 150 करोड़ रूपए है। हालांकि जिन मकानों में लोग निवास कर रहे है उनको ध्वस्त नहीं किया गया। एक दिन पहले ही यूडीए ने शिल्पग्राम के पास करीब 50 करोड़ की जमीन से अवैध कब्जे हटाए थे। उसमें भूमाफियाओं के साथ ही पुलिस का गठजोड़ होने की बात सामने आ चुकी है।
बड़ा सवाल: सरकारी जमीनें कौन बेच रहा, सब पता फिर भी एफआईआर से डर रहा यूडीए
उदयपुर में सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वाले भूमाफिया, राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ ही अब पुलिस का गठजोड़ भी सामने आने लगा है। यहां फिर एक बड़ा सवाल यह है कि यूडीए की करोड़ों की जमीनें बेचने वाले भूमाफिया के खिलाफएफआईआर दर्ज करवाने से यूडीए क्यों डर रहा है। जबकि कागजों के आधार पर यह तो साफ हो ही रहा है कि यूडीए की जमीन बेचने वाला व्यक्ति कौन है। यूडीए न तो पहाड़ियों को काटने वाले माफियाओं के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाने की हिम्मत कर पा रहा है न सरकारी जमीनों को बेचने वालो के खिलाफ। ऐसे में बड़ी कार्रवाई करने पर यूडीए की तारीफ के साथ ही भूमाफियाओं के खिलाफ एफआईआर के मामले में यूडीए की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे है।
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