क्या पुलिस कमजोर पर ही ताकत दिखाती है और ताकतवर के सामने पैंथर मारने वाले भी भीगी बिल्ली बन जाते हैं.?
- ऐसी गालियां किसी और नागरिक ने दी होती तो, शायद अब तक वह पैरों पर खड़े रहने लायक नहीं रहता..
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। राजस्थान सरकार के सहकारिता मंत्री और बड़ी सादड़ी के विधायक गौतम दक के डूंगला थाने के थानाधिकारी सहित पुलिसकर्मियों को थाने में खड़े होकर गंदी और बेहुदा गालियां देने, पुलिस वाले की पत्नी के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी कहने का ऑडियो वायरल होने के बाद न सिर्फ मंत्री गौतम दक, बल्कि राजस्थान पुलिस की भी थू-थू हो रही है। rajasthan minister gautam dak viral audio | rajasthan minister gautam dak viral abusive audio with police | rajasthan police | rajasthan government | chittorgarh dungla thana | udaipur news latest | udaipur live news
इस घटनाक्रम से मंत्री जी को तो शर्म आनी ही चाहिए, लेकिन यह पूरे पुलिस विभाग के लिए भी शर्मनाक है। पुलिस की थू-थू इसलिए हो रही है क्यों कि इतनी गालियां सुनने के बाद भी विभाग में खामोशी है। प्रदेश पुलिस के मुखिया डीजीपी, आईजी, एसपी से लेकर किसी भी कांस्टेबल में इतनी हिम्मत नहीं कि पुलिस वर्दी की इज्जत के खातिर कोई मंत्री के खिलाफ एक शब्द भी बोल दे या कानूनी कार्रवाई करने के बारे में विचार भी कर ले। कहां गए पुलिस विभाग में ब्रेवो, टाइगर, लॉयन उपाधियों से खुद का कॉलर ऊंचा करने वाले पुलिस अधिकारी.?
इसलिए लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या पुलिस वालों का जमीर मर गया है? कि मंत्री किसी बात पर नाराज होकर थाने में इस कदर पुलिसवालों को गालियां दें और पुलिसवालों के मुंह से चूं तक न निकले।

क्या पुलिसकर्मी डिजायर के बदले वर्दी को गिरवी रखकर आते हैं.?
मंत्री जी ने तो थानाधिकारी शैतान सिंह को यह तक कह दिया “””यहां तुम्हे लेकर आए हैं, तो यह नहीं कि मेरे एरिया के लोगों से ..beep..beep, चोट्टागिरी के लिए नहीं लाए हैं यहां….“””
मंत्री जी के कहने का मंतव्य तो यही था कि डूंगला थाने में थानाधिकारी शैतान सिंह की पोस्टिंग मंत्री जी ने करवायी थी। तो क्या पुलिसकर्मी डिजायर के बदले वर्दी को गिरवी रखकर आते हैं.? हर पुलिसकर्मी को यह समझना होगा कि वर्दी उनकी निजी संपत्ति नहीं है, यह गौरव है, विश्वास है देश और प्रदेश के आम नागरिक का। मंत्री की गालियों और अभद्र टिप्पणियों से भरी नाराजगी का विरोध नहीं करके पुलिस विभाग ने जनता में यह स्पष्ट संदेश दिया है कि पुलिस सिर्फ कमजोर लोगों पर ताकत का इस्तेमाल करती है, क्यों कि सरकार के मंत्री की गालियों के सामने पैंथर मारने वाले भीगी बिल्ली बनकर खड़े रहे।
मां, बहन, बेटी और पत्नी के लिए कही गयी आपत्तिजनक बात पर किसी आम नागरिक का भी खून खौल उठता है, लेकिन यहां तो पुलिसवाले की पत्नी के लिए भी मंत्री जी जो बोल गए, यह कहते हुए न तो मंत्री जी को शर्म आयी, और न ही सुनने वाले पुलिसकर्मियों को।
ऐसी भाषा वाले मंत्रियों का सरकार में होना भी शर्मनाक है
ये ऑडियो को सुनना जितना शर्मनाक है, उतना ही शर्मनाक है, राजस्थान सरकार में ऐसी भाषा बोलने वाले मंत्रियों का होना। क्या प्रदेश सरकार को मंत्री गौतम दक की इस अनुशासन हीनता और पद की गरिमा को धूमिल करने के कारण कोई कार्यवाही नहीं करनी चाहिए.? क्या मंत्री के प्रति सरकार की कोई नैतिक जिम्मेदारी नहीं है.? हालांकि ऑडियो वायरल होने के बाद मंत्री गौतम दक तर्क दे रहे हैं कि यह ऑडियो उनका नहीं है।
ऑडियो में इतनी अभद्रता है कि बीप…बीप.. लगाते-लगाते ऑडियो पूरा हो जाता, इसलिए नैतिकता के तौर पर हम हमारी वेबसाइट के माध्यम से इस न्यूज में यह ऑडियो आप जनता तक नहीं पहुंचा रहे हैं।


