विश्व की सबसे सस्टेनेबल माइनिंग कंपनी बनी
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। हिन्दुस्तान जिंक को पहली बार उभरते बाजारों के लिए डाउ जोन्स बेस्ट-इन-क्लास इंडेक्स में शामिल किया गया है। यह मील का पत्थर कंपनी को पर्यावरण, सामाजिक और गवर्नेंस (ईएसजी) के क्षेत्र में दुनिया की चुनिंदा दिग्गज कंपनियों की श्रेणी में खड़ा करता है। Hindustan Zinc Joins Dow Jones Best in Class Index 2026 for Emerging Markets
डाउ जोन्स का यह इंडेक्स उन कंपनियों को ट्रैक करता है जो आर्थिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाती हैं। यह निवेशकों को यह समझने में मदद करता है कि कौन सी कंपनी भविष्य के लिए तैयार और सुरक्षित है। यह लंबी अवधि के आर्थिक, पर्यावरणीय और सामाजिक मानदंडों के आधार पर अग्रणी कंपनियों पर नजर रखता है, और निवेशकों को विभिन्न क्षेत्रों और भौगोलिक क्षेत्रों में सस्टेनेबिलिटी प्रदर्शन का एक पारदर्शी दृष्टिकोण प्रदान करता है।
हमारे लिए सस्टेनेबिलिटी केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि हमारे बिजनेस की नींव है
इस उपलब्धि पर हिन्दुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि यह मान्यता दर्शाती है कि भविष्य की अर्थव्यवस्था में धातुओं की भूमिका बदल रही है। हमारा मानना है कि खनन का अगला दौर केवल उत्पादन की क्षमता से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और पारदर्शिता से पहचाना जाएगा। हमारे लिए सस्टेनेबिलिटी केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि हमारे बिजनेस की नींव है।
2026 के डॉव जोन्स बेस्ट-इन-क्लास इंडेक्स में हिन्दुस्तान जिंक का शामिल होना, मेटल्स और माइनिंग उद्योग में शीर्ष वैश्विक कंपनियों के बीच उसकी स्थिति को दर्शाता है। 31 मार्च 2026 तक डीजेबीआईसी इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स में भारत की सिर्फ 25 कंपनियां शामिल हैं, जिनमें वेदांता लिमिटेड और हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड ही भारत के मेटल्स और माइनिंग सेक्टर से एकमात्र प्रतिनिधि हैं।
वेदांता ग्रुप की कंपनी, हिन्दुस्तान जिंक को एसएण्डपी ग्लोबल कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट 2025 द्वारा मेटल्स और माइनिंग सेक्टर में विश्व की सबसे सस्टेनेबल का दर्जा दिया गया है और यह इंटरनेशनल काउंसिल ऑन माइनिंग एंड मेटल्स में शामिल होने वाली पहली भारतीय माइनिंग कंपनी है।


