उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) के ईएनटी (नाक-कान-गला) विभाग में जालौर की 43 वर्षीय महिला का जटिल साइनस रोग सफलतापूर्वक ठीक किया गया। udaipur geetanjali hospital ENT Doctors team Treats Sinus : Woman gets Relief
मरीज पिछले 10 दिनों से माथे में बढ़ती सूजन, दोहरा दिखना और पलकों में सूजन से परेशान थी। इसके अलावा उसे करीब 3 महीनों से लगातार माथे में तेज सिरदर्द भी हो रहा था।मरीज ने पहले एक निजी अस्पताल में इलाज कराया था, जहां माथे की सूजन से मवाद निकालने के लिए सुई से प्रक्रिया की गईए लेकिन इससे उसे कोई राहत नहीं मिली।
23 अप्रैल 2026 को मरीज जीएमसीएच के ईएनटी विभाग में पहुंची, जहां उसे डॉ. अंकुश पंडित की देखरेख में भर्ती किया गया। जांच के दौरान नाक के अंदर कैमरे से जांच (एंडोस्कोपी) की गई और सीटी और एमआरआई स्कैन से पता चला कि मरीज को फ्रंटल साइनस में म्यूकस की गांठ, फंगल संक्रमण और हड्डी में संक्रमण जैसी गंभीर समस्याएं हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यूरोसर्जरी और आंखों के विशेषज्ञों से भी सलाह ली गई, क्योंकि संक्रमण का असर माथे और आंखों के आसपास की हड्डियों तक पहुंच चुका था, जिससे स्थिति जटिल हो गई थी। 25 अप्रैल 2026 को ईएनटी सर्जिकल टीम डॉ अंकुश पंडित, डॉ गौतम स्वामी और डॉ प्रखर माथुर ने एंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी की। सर्जरी के दौरान साइनस में मौजूद फंगल संक्रमण को हटाया गया और फ्रंटल साइनस को खोलकर उसमें जमा म्यूकस की गांठ भी निकाली गई।
संक्रमण से माथे की आगे और पीछे की हड्डियां गल गई थीं
ऑपरेशन के दौरान यह भी सामने आया कि संक्रमण के कारण माथे की आगे और पीछे की हड्डियां गल गई थीं और मस्तिष्क की परत तक दिखाई देने लगी थी। इसके अलावा आंख और नाक के बीच की पतली हड्डी को भी नुकसान पहुंचा था, जिससे सर्जरी काफी कठिन और जोखिम भरी हो गई थी। इसके बावजूद जीएमसीएच उदयपुर में उपलब्ध आधुनिक एंडोस्कोपिक उपकरणों की मदद से सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की गई।
ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत स्थिर रही और उसमें तेजी से सुधार हुआ। लंबे समय से चल रही इस समस्या के कारण मरीज की जिंदगी प्रभावित हो रही थी, लेकिन सफल इलाज के बाद अब मरीज और उसके परिजन काफी राहत और संतोष महसूस कर रहे हैं। सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।


